नई दिल्ली, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गोकुल दूध उत्पादक संघ में हाल ही में हुए घटनाक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी और महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर जोरदार हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गोकुल में दूध उत्पादकों ने भाजपा को चुनाव में हरा दिया, इसलिए अब सरकार चुनाव के बाद नियम बदलकर जनादेश की चोरी कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि बोर्ड में 4 सरकारी डायरेक्टरों को जबरन शामिल कर बहुमत चुराने की कोशिश की जा रही है, जो कि किसानों के वोट की सीधी चोरी और जनादेश में मिलावट है।
कांग्रेस नीत पैनल ने जीती थीं 25 में से 13 सीटें, राज्य कैबिनेट द्वारा 4 वोटिंग डायरेक्टरों के मनोनयन से बदला चुनावी समीकरण
विवाद का मुख्य केंद्र कोल्हापुर का प्रसिद्ध गोकुल दूध संघ (महाराष्ट्र) है, जहां 19 अक्टूबर को हुए चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले पैनल ने 25 में से 13 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जबकि महायुति को 12 सीटें मिली थीं। हालांकि, चेयरमैन का चुनाव न होने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने 10 नवंबर को फिर से चुनाव कराने का निर्देश दिया। इसी बीच महाराष्ट्र कैबिनेट ने चार सरकारी निदेशकों को नामित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिन्हें वोट देने का अधिकार भी होगा। कांग्रेस का आरोप है कि इस कदम से कुल सीटें 12 से बढ़कर 16 हो जाएंगी और चुनी हुई संस्था पर जबरन कब्जा किया जाएगा।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का महाराष्ट्र सरकार पर हमला, लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का किया ऐलान
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने भी महाराष्ट्र सरकार पर हमला बोलते हुए इसे लोकतांत्रिक जनादेश को कमजोर करने की बेशर्म कोशिश करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई सरकार चुनाव के नतीजे पसंद न आने पर बाद में नियम बदल सकती है। पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया कि सहकारी संस्थाओं की स्वायत्तता और किसानों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी राज्य सरकार के इस विवादित फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रही है। इस राजनीतिक खींचतान के बाद महाराष्ट्र के सहकारिता क्षेत्र में सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है।

