सतना : डेंगू पीडि़त एक व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद उनकी पत्नी और छोटे भाई भी जांच में डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं. उनके स्वास्थ्य पर संभावित खतरे को देखते हुए मलेरिया विभाग द्वारा उन्हें लगातार अस्पताल में चिकित्सक की निगरानी में उपचार कराने की सलाह दी जा रही है. लेकिन इसके बावजूद भी परिजन उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के बजाए घर में ही रखना अधिक मुफीद मान रहे हैं.
महाराष्ट्र के पुणे में रहकर मजदूरी करने वाले शहर के सिद्धार्थ नगर निवासी राजेश बुनकर 29 वर्ष की डेंगू के संक्रमण के चलते मौत हो गई थी. जिसके चलते मृतक के परिवार के कुल 10 सदस्यों का एलाइजा टेस्ट जिला चिकित्सालय में कराया गया था. जांच रिपोर्ट में मृतक राजेश की पत्नी प्रियंका 26 और छोटा भाई अजय 20 वर्ष डेंगू पॉजिटिव पाए गए. जिसे देखते हुए मलेरिया विभाग द्वारा उन्हें स्पष्ट सलाह दी गई कि जिला चिकित्सालय अथवा किसी अन्य सक्षम हास्पिटल में फौरन भर्ती होकर अपना उपचार कराएं. जिसे सुनकर परिजनों ने सुपर स्पेशियालिटी हास्पिटल रीवा में उपचार कराने की बात कही. लेकिन इसके बावजूद भी दोनों डेंगू पॉजिटिव मरीजों को अस्पताल ले जाने के बजाए घर पर ही रखा गया. बुधवार को जब मलेरिया विभाग की टीम ने उनका फालोअप लिया तो दोनों डेंगू पॉजिटिव मरीज घर पर ही मिले.
जिसे देखते हुए एक बार फिर से परिजनों से दोनों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा गया. लेकिन परिजनों का कहना था कि दोनों के स्वास्थ्य ममें काफी सुधार है, लिहाजा वे घर पर ही ठीक हो जाएंगे. यह सुनकर मलेरिया विभाग के कर्मचारियों ने समझाइस दी कि चूंकि महिला 7 माह की गर्भवती हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य पर दोहरा खतरा है. डेंगू के संक्रमण के दौरान शरीर में रक्त के प्लेटलेट काउंट काफी तेजी से घटते हैं, और कई बार तो संभलने का मौका नहीं मिलता. परिवार के एक सदस्य की मौत के जरिए इसकी तस्दीक भी हो चुकी है. लेकिन काफी समझाइस देने के बाद भी परिजन डेंगू पॉजिटिव मरीजों अगले दिन को रीवा ले जाने की बात कहते हुए मामले को टालते नजर आए.
तीसरे डेंगू पीडि़त की हालत सुधरी
भारतीय सेना से सेवानिवृत्त 38 वर्षीय राजकुमार कुशवाहा निवासी गढिय़ा टोला बगहा को डेंगू के संक्रमण की पुष्टि पहले ही हो चुकी थी और वे स्थानीय बिरला हास्पिटल में भर्ती होकर अपना उपचार करा रहे थे. बुधवार को जब मलेरिया टीम ने उनका हाल जाना तो उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार हो चुका था. उपचार कर रहे चिकित्सकों के अनुसार उनके स्वास्थ्य को देखते हुए गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है. चूंकि उनके बगहा स्थित मकान में उनके अलावा कोई और नहीं रहता, इसलिए राजकुमार के डिस्चार्ज होने पर मलेरिया टीम वहां विजिट करेगी. राजकुमार को भी बाहर प्रवास के दौरान डेंगू का संक्रमण होने की जानकारी सामने आई
