
जबलपुर। राज्य शासन के निर्देशों के बावजूद नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर, लिपिक वर्ग, टेक्नीशियन एवं चतुर्थ श्रेणी के कई कर्मचारी लगभग 14 वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वर्तमान में दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि वर्षों की सेवा देने के बाद भी कर्मचारियों को अपने पदोन्नति संबंधी अधिकारों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ये दावा मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी ने करते हुए बताया कि प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में नियमानुसार कर्मचारियों को पदोन्नति की प्रक्रिया संचालित की जा रही है लेकिन राज्य शासन के निर्देशों के बावजूद मेडिकल कॉलेज जबलपुर में ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है।
आखिर क्यों रखा जा रहा वंचित?
चिकित्सा शिक्षा संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी ने दो टूक कहा कि कर्मचारियों की इस लंबित समस्या को लेकर संघ गंभीर है। जब प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में पदोन्नति की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, तो नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर के कर्मचारियों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है? उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से मांग की है कि सभी पात्र लिपिक, टेक्नीशियन एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति प्रक्रिया नियमानुसार तत्काल प्रारंभ कर उन्हें उनका अधिकार प्रदान किया जाए।
10 दिनों के अंदर शुरू करें कार्रवाई
मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आगामी 10 दिवस के भीतर पदोन्नति संबंधी कार्यवाही प्रारंभ नहीं की गई, तो मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संघ कर्मचारियों के हित में आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।संघ ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि उनके अधिकारों एवं सम्मान की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ी जाएगी।
