भोपाल। मालीखेड़ी में पांच मौतों के मामले में बीते दिन पोस्टमोर्टम रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि परिवार की मौत गंभीर चोटों और अत्यधिक खून बहने से हुई है।
पुलिस के मुताबिक नरेंद्र की मां, पत्नी और दोनों बच्चों के पोस्टमार्टम में गंभीर चोटों और अत्यधिक खून बहने से मौत की बात सामने आई है।
वहीं, नरेंद्र के जीजा दीपक सिंह ने नवभारत को बताया कि नरेंद्र पर करीब 50 लाख रुपए का कर्ज था। मकान बेचने के बाद भी करीब 25 लाख रुपए बकाया थे। होटल में 80 हजार रुपए महीने की नौकरी के बावजूद वह परिचितों से उधार लेता था। उसके पास कई क्रेडिट कार्ड भी थे।
जीजा के मुताबिक, नेहा नाम की महिला और दोस्त देवा से भी पैसों का लेनदेन था। उधार मांगने वाले जब घर आते थे, तो नरेंद्र खुद सामने आने के बजाय घर की महिलाओं को उनसे बात करने भेजता था।
हालांकि इस मामले में सूदखोरी और ब्लेकमैल का एंगल खुलकर सामने नहीं आया है।
वहीं इस मामले पर कमिश्नर संजय कुमार ने भी संज्ञान लिया है।
आखिर 25 लाख के कर्ज और निजी रिश्तों का यह उलझा जाल कितना गहरा था? पुलिस की जांच में कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
