
नयी दिल्ली, 08 अक्टूबर (वार्ता) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को यहां भारत मंडपम में शुरू हुई। यह परिषद की 57वीं बैठक है। इसमें दिल्ली, गोवा, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और मेघालय के मुख्यमंत्री हिस्सा ले रहे हैं। मणिपुर और तेलंगाना का प्रतिनिधित्व उनके उपमुख्यमंत्री कर रहे हैं। अन्य राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्री बैठक में शामिल हो रहे हैं। केंद्र सरकार के राजस्व विभाग के सचिव, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड के अध्यक्ष तथा सदस्य भी बैठक में मौजूद हैं।
जीएसटी परिषद की यह बैठक एक साल से भी अधिक समय के बाद हो रही है। पिछले साल तीन सितंबर को हुई बैठक में जीएसटी कर ढांचे में 28 प्रतिशत और 12 प्रतिशत के स्लैब समाप्त कर दिए गए थे। खाने-पीने की अधिकतर चीजों को शून्य या पांच प्रतिशत के स्लैब में रखा गया था। ये निर्णय 22 सितंबर 2025 से लागू हुए थे। जीएसटी परिषद वस्तु एवं सेवा कर के मामलों में सर्वोच्च अधिकार प्राप्त निकाय है। परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री सदस्य होते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीएसटी सुधारों के अगले चरण का समर्थन करते हुए इस सप्ताह सोशल मीडिया पर कहा था कि प्रस्तावित बदलाव कर व्यवस्था को अधिक सरल बनाएंगे तथा कर दायित्वों को लेकर पूर्वानुमान लगाने में आसानी होगी। श्रीमती सीतारमण भी कह चुकी हैं कि जीएसटी सुधारों का अगला चरण पहले किए जा चुके बदलावों को आगे बढ़ाएगा और कर प्रणाली को करदाताओं के लिए अधिक अनुकूल बनाने पर केंद्रित होगा।
