सतना: जिले में अतिवृष्टि और बारिश से फसलों को हुए नुकसान को 17 दिन बीत चुके हैं, लेकिन कृषि कल्याण विभाग अब तक फसल क्षति का सर्वे पूरा नहीं कर पाया है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का जल्द और वास्तविक आकलन कर राहत की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद जिले में सर्वे की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं होने से प्रभावित किसानों को राहत के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
बारिश थमी, लेकिन सर्वे की रफ्तार नहीं बढ़ी
जिले के कई क्षेत्रों में लगातार हुई बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा था। बारिश थमने के बाद किसानों को उम्मीद थी कि राजस्व और कृषि विभाग की टीमें खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन जल्द पूरा करेंगी। लेकिन करीब ढाई सप्ताह गुजरने के बाद भी सर्वे का काम पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में किसानों के सामने नुकसान की भरपाई और राहत राशि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद देरी
अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का वास्तविक और जल्द आकलन करने के निर्देश दिए थे। शासन स्तर से सर्वे में तेजी लाने के निर्देश के बावजूद जिले में 17 दिन बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
कृषि कल्याण विभाग के उप संचालक आशीष पांडेय ने बताया कि फसल क्षति का सर्वे राजस्व विभाग द्वारा कराया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद रिपोर्ट प्राप्त होगी, जिसके आधार पर ही बारिश से प्रभावित किसानों की संख्या और फसलों को हुए वास्तविक नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
