नयी दिल्ली, 04 नवंबर (वार्ता) भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) संबलपुर ने फ्रांस के आईएई बोर्डो यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के साथ साझेदारी में दोहरी डिग्री कार्यक्रम के तहत छह देशों के 50 वरिष्ठ कारोबारी और सरकारी पेशेवरों को एक अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी पीएचडी-डॉक्टरेट इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (डीबीए) एक साथ लाने का काम किया है। इस पहल का उद्देश्य प्रबंधन अनुसंधान और कार्यकारी शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को मजबूत करना है। इस कार्यक्रम के तीन समूहों में भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात के वरिष्ठ पेशेवर शामिल हैं। इनमें अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कंपनी संस्थापक, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और रक्षा क्षेत्र के पेशेवर जैसे विभिन्न नेतृत्व पदों पर कार्यरत लोग शामिल हैं।
आईआईएम संबलपुर ने इसे कामकाजी पेशेवरों के लिए भारत की अग्रणी दोहरी डिग्री वाली डॉक्टरेट पहल बताया है। इस कार्यक्रम के तहत सफल उम्मीदवारों को आईआईएम संबलपुर से कार्यकारी पीएचडी और आईएई बोर्डो से डीबीए की डिग्री प्रदान की जाएगी। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि अनुभवी अधिकारी अपनी पेशेवर जिम्मेदारियां निभाते हुए उच्च स्तरीय अकादमिक शोध भी कर सकें। इस पहल का उद्देश्य प्रबंधन के सैद्धांतिक ज्ञान को उद्योग जगत के व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ना है। इसके तहत वरिष्ठ पेशेवरों को अपने संगठनों के सामने आने वाली वास्तविक चुनौतियों और नेतृत्व के अनुभवों को व्यवस्थित, साक्ष्य-आधारित शोध में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि शोध अकादमिक और व्यावहारिक दोनों दृष्टियों से उपयोगी हो सके।
आईआईएम संबलपुर के निदेशक प्रोफेसर महादेव जायसवाल ने कहा, “हमारे कार्यकारी पीएचडी और डीबीए के शोधार्थी संगठनों की वास्तविक समस्याओं को शोध कक्ष तक लाते हैं और साक्ष्य-आधारित समाधान अपने निदेशक मंडलों तक पहुंचाते हैं।” उन्होंने कहा, “आईएई बोर्डो के साथ साझेदारी से हमें वैश्विक मानकों के अनुरूप शोध पद्धतियों का कठोर और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देने का अवसर मिला है। साथ ही, यह कार्यक्रम भारतीय और वैश्विक कारोबार जगत के सामने आज मौजूद चुनौतियों से भी गहराई से जुड़ा रहेगा।”
कार्यक्रम के तीनों समूह इसकी बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहुंच और विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों की भागीदारी को दर्शाते हैं। सबसे नये समूह में 14 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इनमें प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल, परामर्श, नवीकरणीय ऊर्जा और इंजीनियरिंग क्षेत्रों के कार्यकारी निदेशक, अध्यक्ष, निदेशक, उपाध्यक्ष, संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल हैं।
दूसरे समूह में प्रौद्योगिकी, वित्त, रक्षा, ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की पृष्ठभूमि वाले 20 पेशेवर शामिल हैं। पहले समूह में 16 शोधार्थी हैं, जो अडाणी समूह, एनटीटी डेटा, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, कॉर्न फेरी, गूगल और लावा इंटरनेशनल जैसे प्रमुख संगठनों से जुड़े हैं। इनमें प्रबंध निदेशक, उपाध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, संयुक्त अध्यक्ष, निदेशक, उद्यमी और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हैं।
इस कार्यक्रम के शैक्षणिक सत्र में अंतरराष्ट्रीय संकाय सदस्यों और प्रबंधन विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कारोबार जगत की मौजूदा चुनौतियों, उभरते वैश्विक रुझानों, नेतृत्व और संगठनों के निर्णय लेने की प्रक्रिया में शोध की बढ़ती महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की गयी। कार्यक्रम में अमेरिका के विलियम एंड मैरी विश्वविद्यालय के रेमंड ए मेसन स्कूल ऑफ बिजनेस में जॉन एन डाल्टन मेमोरियल प्रोफेसर डॉ. राजीव कोहली ने मुख्य भाषण दिया। आईएई बोर्डो में अंतरराष्ट्रीय डीबीए समूह के कार्यक्रम निदेशक डॉ. जॉर्ज कार्डोसो ने भी इस साझेदारी की शैक्षणिक रूपरेखा और अंतरराष्ट्रीय महत्व के बारे में जानकारी दी। यह पहल ऐसे समय में शुरू की गयी है, जब दुनिया भर के कारोबारी संस्थान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वैश्विक ऊर्जा बदलाव, भू-राजनीतिक समीकरणों में परिवर्तन और डिजिटल बुनियादी ढांचे के तेजी से विस्तार के कारण बड़े बदलावों का सामना कर रहे हैं। इन परिस्थितियों में ऐसे नेतृत्वकर्ताओं की मांग बढ़ी है, जो अपने पेशेवर अनुभव के साथ व्यवस्थित शोध, आलोचनात्मक विश्लेषण और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने की क्षमता रखते हों।

