तबादले के आदेश पर भारी पड़ा कुर्सी का मोह, हाईकोर्ट की फटकार के बाद रवानगी

सिंगरौली। सरकारी कुर्सी का मोह ऐसा कि स्थानांतरण आदेश के पालन के बजाय उसे चुनौती देने के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। जनपद पंचायत बैढ़न में स्वच्छ भारत मिशन के शौचालय प्रभारी प्रमोद कुमार का जबलपुर स्थानांतरण होने के बावजूद वे सिंगरौली छोड़ने को तैयार नहीं थे। बताया जाता है कि वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ रहने के दौरान उनके खिलाफ शिकायतें भी सामने आई थीं।

शासन के तबादला आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने बेटी की दिव्यांगता और पिता की खराब सेहत का हवाला देकर राहत मांगी थी। स्थानांतरण से राहत पाने और पारिवारिक परिस्थितियों के आधार पर आदेश निरस्त कराने के उद्देश्य से उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन न्यायालय से उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य स्वच्छ भारत मिशन संचालक केवीएस चौधरी ने तत्काल रिलीव करने के निर्देश जारी किए। अब प्रमोद कुमार को जनपद पंचायत मझौली, जबलपुर में उपस्थिति देनी होगी।

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