महानगर तक का सफर उद्योगों पर निर्भर : प्रशांत

अज़हर खान

जबलपुर: इंदौर- भोपाल- जबलपुर कॉरिडोर की घोषणा महाकौशल क्षेत्र के इतिहास में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक परिवर्तन लाएगी। इस कॉरिडोर के आकार लेने से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, जिससे नए उद्योगों की स्थापना, बंपर रोजगार के अवसरों का सृजन और व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी। यह बात जबलपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रशांत केशरवानी ने नवभारत से चर्चा के दौरान कही।
चर्चा के दौरान जेडीए उपाध्यक्ष नेे कहा कि किसी भी शहर का विकास और उसका महानगर बनना वहां के उद्योगों पर ही निर्भर करता है। आज देश के जो भी शहर महानगर बने हैं, उनकी मूल जड़ वहां स्थापित उद्योग और व्यापार ही हैं। उद्योग केवल फैक्ट्रियां नहीं होते, बल्कि वे आम लोगों के लिए रोजगार का जरिया बनते हैं। जब लोगों को रोजगार मिलता है, तो बाजार में रौनक आती है, बाहर से लोग आकर बसते हैं और पूरे शहर का आर्थिक ढांचा बदल जाता है। उद्योगों से ही जबलपुर की तकदीर और तस्वीर बदलेगी।

बदलेंगी धारणाएं

उन्होंने कहा कि जबलपुर में गारमेंट, फर्नीचर, एग्रो-बेस्ड (खाद-खेती), खनिज, राइस मिल और माइनिंग जैसी हर तरह की इंडस्ट्रीज के सफल होने की प्रबल संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री भी लगातार देश-विदेश से निवेश लाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे मध्य प्रदेश में यह आम धारणा बदलेगी कि उद्योग सिर्फ इंदौर और भोपाल में ही सफल हो सकते हैं।

भौगोलिक स्थिति है बड़ी ताकत
जबलपुर की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि जबलपुर मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के केंद्र में स्थित है। यहां से पूरे देश में माल भेजना सबसे सुगम है। जबलपुर से दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगर लगभग एक समान दूरी करीब 1,000 किलोमीटर पर हैं। इस केंद्रीय भौगोलिक स्थिति के कारण कंपनियों की लॉजिस्टिक कॉस्ट बहुत कम आयेगी।

रिंग रोड बनेगी नई सरहद-

जबलपुर के बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए प्रशांत केशरवानी ने बताया कि शहर का नया मास्टर प्लान बहुत जल्द आने वाला है। इस मास्टर प्लान के लागू होते ही शहर को महानगर बनने की राह में आ रही सभी रुकावटें और अड़ंगे हमेशा के लिए समाप्त हो जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शहर में बन रही रिंग रोड आने वाले समय में जबलपुर की नई सरहद बन जाएगी। इस रिंग रोड के निर्माण से पूरा जबलपुर शहर बाहर की तरफ फैलेगा। जो जमीनें अभी आवासीय नहीं हैं, वह आवासीय हो जाएंगी और बड़े पैमाने पर जमीनों का कमर्शियल उपयोग शुरू होगा।

जबलपुर में औद्योगिक विकास को गति देने पर चर्चा

जेडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की और कॉरिडोर की सौगात के लिए उन्हें बधाई दी साथ ही जबलपुर में बड़े औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने को प्राथमिकता देने का आग्रह भी किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के नेतृत्व में जबलपुर विकास की एक नई ऊंचाई को छूने जा रहा है।

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