काठमांडू, नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में मंगलवार सुबह लैंडिंग के प्रयास के दौरान दो हेलीकॉप्टरों के बीच हुई भीषण टक्कर में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि भारतीय मूल के एक न्यूजीलैण्ड नागरिक सहित हेलीकॉप्टर के पायलट घायल हो गए।
काठमांडू पोस्ट के अनुसार नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा है कि इस हादसे में मारे गए भारतीय नागरिक की पहचान वसंत कुमार बालारामुडु (47 वर्ष, निवासी चेन्नई) के रूप में हुई है। वह फिशटेल एयर के हेलीकॉप्टर में सवार थे। हादसे में घायल हुए न्यूजीलैंड के नागरिक शैलेश कृष्णा पटेल और पायलटों को तत्काल बचाया गया और इलाज के लिए काठमांडू के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यह दुर्घटना मंगलवार सुबह करीब सवा आठ बजे सोलुखुम्बु जिले में ‘पेरिचे’ इलाके में एक हेलीपैड पर हुई। पेरिचे पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स के लिए एक प्रमुख पड़ाव माना जाता है।
प्राधिकरण के बयान के अनुसार एयर डायनेस्टी का एएस350 हेलीकॉप्टर लुकला हवाई अड्डे से कार्गो उड़ान पर सोलुखुम्बु के हेलीपैड पर उतर रहा था। वहीं पर फिशटेल एयर का एएस350 हेलीकॉप्टर गोराकशेप से दो विदेशी यात्रियों को लेकर आ रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, एयर डायनेस्टी का हेलीकॉप्टर तेज गति से नीचे उतर रहा था, तभी विपरीत दिशा से उतरने का प्रयास कर रहे फिशटेल एयर के हेलीकॉप्टर से उसकी टक्कर हो गई। ज़मीन से महज़ 2 से 3 मीटर की ऊँचाई पर फिशटेल एयर के रोटर ब्लेड एयर डायनेस्टी हेलीकॉप्टर की खिड़कियों से टकरा गए।
प्राधिकरण के महानिदेशक मुकेश डंगोल के अनुसार प्राथमिक जांच से पता चला है कि यह हादसा दोनों पायलटों के बीच आपसी संचार की कमी के कारण हुआ। चूंकि यह क्षेत्र लुकला हवाई अड्डे के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टॉवर के दायरे से बाहर है, इसलिए यहां पायलटों को आपस में ही रेडियो संपर्क साधना पड़ता है।
यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई है जब एवरेस्ट क्षेत्र में व्यावसायिक और दर्शनीय स्थलों के लिए बढ़ती हेलीकॉप्टर उड़ानों को लेकर स्थानीय निवासियों और एयरलाइंस ऑपरेटरों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है।
बीते दिनों उत्तराखंड में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पायलट सहित छह लोगों की मौत हो गयी थी।

