रीवा के संजय गांधी अस्पताल में मरीजों को अब नहीं भटकना पड़ेगा, दोनों गेट पर तैनात रहेंगे दो-दो वार्ड बॉय

रीवा:संजय गांधी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अब वार्ड तक पहुंचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अस्पताल के मुख्य द्वार और आपातकालीन द्वार पर दो-दो वार्ड बॉय तैनात किए जाएंगे, जो मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार संबंधित वार्ड और उपचार स्थल तक पहुंचने में मदद करेंगे। इस व्यवस्था की निगरानी के लिए एक सुपरवाइजर भी तैनात रहेगा।

अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 24 घंटे चार वार्ड बॉय की ड्यूटी लगाने की व्यवस्था की है। संजय गांधी अस्पताल में विंध्य के अलावा दूसरे क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। अस्पताल की व्यवस्था से अनजान मरीजों और उनके परिजनों को यह जानकारी जुटाने में परेशानी होती है कि किस बीमारी के इलाज के लिए किस विभाग या वार्ड में जाना है। कई बार उन्हें एक जगह से दूसरी जगह भटकना पड़ता है। गंभीर मरीजों के साथ आने वाले परिजनों की परेशानी और बढ़ जाती है।

नई व्यवस्था के तहत मुख्य द्वार और आपातकालीन द्वार पर मौजूद वार्ड बॉय मरीजों को सही जगह तक पहुंचाने में मदद करेंगे। इससे मरीजों और उनके परिजनों का समय बचेगा तथा अनावश्यक भटकाव कम होने की उम्मीद है।

पहले भी थी व्यवस्था, नहीं होता था अमल

अस्पताल में मरीजों की सहायता के लिए इस तरह की व्यवस्था पहले भी रही है लेकिन नियमित निगरानी के अभाव में इसका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाता था। अब तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर व्यवस्था को सुचारू बनाने की तैयारी की गई है। प्रत्येक शिफ्ट में मुख्य द्वार और आपातकालीन द्वार पर दो-दो वार्ड बॉय तैनात रहेंगे। सुपरवाइजर इनकी उपस्थिति और कार्यों की निगरानी करेगा। मरीजों की जरूरत पड़ने पर स्ट्रेचर उपलब्ध कराने और संबंधित वार्ड तक पहुंचाने में भी मदद की जाएगी।

311 जीडीए की संख्या, लेकिन कर्मचारियों की उपस्थिति पर सवाल

संजय गांधी अस्पताल में वार्ड बॉय के रूप में कार्य करने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में जीडीए कहा जाता है। अस्पताल में इनकी संख्या करीब 311 बताई गई है लेकिन इनमें से कितने कर्मचारी नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित रहते हैं और कितने अनुपस्थित हैं इसको लेकर निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार ऐसे 10 कर्मचारियों का पता लगाया जा चुका है जबकि करीब 100 अन्य कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर पड़ताल किए जाने की बात सामने आई है।

अधीक्षक ने कहा – 24 घंटे मदद मिलेगी

मरीजों की सुविधा को देखते हुए 24 घंटे चार वार्ड बॉय की ड्यूटी लगाई गई है। दो-दो वार्ड बॉय दोनों गेट में तैनात रहेंगे। ये वार्ड बॉय मरीजों को वार्ड तक पहुंचाने का काम करेंगे। व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाएगी – डॉ. प्रियंक शर्मा, अधीक्षक एसजीएमएच

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