रीवा:कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों तथा हार्वेस्टर चलाने वालों से नरवाई प्रबंधन के संबंध में चर्चा की. बैठक में कलेक्टर ने कहा की नरवाई अथवा पराली जलाने की समस्या बहुत बड़ी है. नरवाई जलाने से मिट्टी की जलधारण क्षमता तथा मिट्टी को पोषण देने वाले जीवाणु नष्ट हो जाते हैं. एक एकड़ में नरवाई जलाने से एक बोरी यूरिया खाद के बराबर नाइट्रोजन की हानि होती है.
पर्यावरण प्रदूषण की दृष्टि से भी नरवाई जलाना बहुत हानिकर है. इसके स्थान पर नरवाई का उचित प्रबंधन करने से खेती की लागत घटती है और उत्पादन बढ़ता है. सुपर सीडर, हैप्पी सीडर और रोटावेटर से नरवाई को मिट्टी में मिलाकर जैविक खाद में बदला जा सकता है. सुपर सीडर के उपयोग से जुताई और बुवाई एक साथ हो जाती है. इससे 15 दिन का समय और 15 लीटर डीजल प्रति एकड़ बचता है. नरवाई के मिट्टी में मिल जाने से इसका फसल में जैविक खाद के रूप में उपयोग हो जाता है. नरवाई का उचित प्रबंधन करना किसान के साथ-साथ हम सबकी जिम्मेदारी है. नरवाई का उचित प्रबंधन करने वाले किसानों को सम्मानि?त किया जाएगा.
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि तथा ग्रामीण विकास विभाग हर गांव में जागरूकता अभियान चलाएं. किसान संघ भी इसमें पूरा सहयोग करें. नरवाई जलाने पर जिले भर में प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसका उल्लंघन करने पर एकड़ के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा. धान काटने वाले हार्वेस्टर इसमें एसएमएस उपकरण अवश्य लगाएं. इससे कटाई में थोड़ा अधिक समय लगेगा, लेकिन नरवाई की समस्या नहीं रहेगी. इसे खरीदने पर 5 नवम्बर तक 50 प्रतिशत अनुदान भी दिया जा रहा है. किसान ई कृषि यंत्र पोर्टल पर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं.
बैठक में वन मण्डलाधिकारी लोकेश निरापुरे ने कहा कि वन्य प्राणियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने पर उचित मुआवजा दिया जाएगा. इस तरह की घटना होने पर कृषि विभाग तथा वन विभाग के अधिकारियों को तत्काल सूचना दें. किसान भाई वन्य प्राणियों को किसी भी तरह की हानि न पहुंचाएं.बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सृष्टि देशमुख गौड़ा, जिला परिवहन अधिकारी आशुतोष सिंह भदौरिया, महाप्रबंधक सहकारी बैंक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय, किसान संघ के प्रतिनिधि तथा किसान उपस्थित रहे.
