
सिंगरौली । जिला मुख्यालय बैढ़न से महज दो किलोमीटर दूर ननि के वार्ड क्रमांक 41 गनियारी चौरा टोला नई बस्ती के लोग पिछले वर्षो से बासबल्ली के सहारे बिजली तार घर तक ले गये हैं।
यहां के रहवासियों ने बताया है कि मोहल्ले में सबसे बड़ी समस्या बिजली और सड़क-नाली की है। जिस दिन बारिश होती है,उस दिन पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चे कीचड़ से लथपथ होकर आते-जाते हैं, वाहन से चलना तो दूर की बात है। इतना ही नही यहां बासबल्ली के सहारे घरो में बिजली पहुंची है। यदि हल्का भी तूफान आया तो बास टूट जाते हैं। कई बार तार के टूटने से मवेशी भी चपेट में आए हैं। इस समस्या के बारे में कई बार नगर निगम के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन नतीजा ठाक के तीन पात निकला है। यहां के रहवासियों ने विधायक, ननि महापौर, ननि अध्यक्ष एवं निगमायुक्त का ध्यान आकृष्ट कराया है।
दर्जनों बार सुनाई जा रही हैं समस्याएं
यहां के रहवासियों ने बताया कि बिजली और सड़क की स्थिति बेहद खराब है। करीब पॉच सौ मीटर दूर तक बासबल्ली के सहारे दर्जनों भर घरो में बिजली पहुंचाई गई है। एमपीईबी अमला महीने में बिजली वसूली करने में किसी भी प्रकार की कोई भी कोताही नही बरतता है,फिर बिजली खम्भे लगाने में पॉच साल का वक्त क्यों लगा दिया जा रहा है और आगे भी उम्मीद अभी नही दिख रही है। जबकि चौरा टोला और जिला मुख्यालय की दूरी महज 2 किलोमीटर है। यहां कच्ची सड़क है, बारिश के समय पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। दर्जनों बार समस्याएं सुनाई गई हैं।
इनका कहना:-
हल्का तूफान भी आता है तो बास के सहारे लगे बिजली के तार टूट जा रहे हैं, कई बार मवेशी भी इसके चपेट में आ गये हैं। समस्या को कोई सुनने को तैयार नही है। जिला मुख्यालय में जब यह हाल है तो ग्रामीण अंचलों की स्थिति क्या होगी?
दिलीप शुक्ला, चौराटोला
इनका कहना:-
बिजली, सड़क की समस्या यहां पॉच वर्षो से है। यहां दर्जन भर से अधिक मकान बने हुये हैं। बारिश के दिनों में आवागमन ठप हो जाता है। स्कूली बच्चे कीचड़ से लथपथ होकर गुजरते हैं। समस्या का निदान नही हो पा रहा है।
अमन चतुर्वेदी, चौराटोला
इनका कहना:-
हम लोग मकान जरूर बना लिये हैं, लेकिन यहां बिजली,सड़क एवं नाली का संकट है। बारिश के दिनों में कितनी बड़ी समस्या होती है,इसे तो बयां नही किया जा सकता है। नगर निगम अमला बेसूध है।
संजय जायसवाल
अधिवक्ता, निवासी चौरा टोला
