जैसलमेर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार शाम विशेष विमान से तीन दिवसीय दौरे पर जैसलमेर पहुंच रहे हैं। 2 से 4 नवंबर तक जैसलमेर के फोर्ट राजवाड़ा होटल में रक्षा मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की उच्चस्तरीय और महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस तीन दिवसीय मंथन में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) सहित थल सेना, नौसेना और वायुसेना के शीर्ष सैन्य अधिकारी भाग लेंगे। इनके अलावा लोकसभा और राज्यसभा के करीब 24 सांसद भी बैठक में मौजूद रहेंगे, जहां देश की सुरक्षा, सामरिक रणनीति और रक्षा प्राथमिकताओं से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
पाकिस्तान से सटी पश्चिमी सीमा की सुरक्षा तैयारियों और भारतीय सेना के आधुनिकीकरण पर होगा विशेष मंथन
सामरिक दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले सीमावर्ती जिले जैसलमेर में आयोजित इस बैठक का मुख्य केंद्र भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करना है। बैठक के दौरान भारतीय सेनाओं के आधुनिकीकरण, स्वदेशी रक्षा उपकरणों के निर्माण, नई तकनीकों के समावेश और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श होगा। इसके साथ ही पाकिस्तान से लगती भारत की पश्चिमी सीमा की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था, सीमावर्ती ढांचागत विकास और अग्रिम चौकियों की परिचालन तैयारियों की भी गहन समीक्षा की जाएगी।
एयरपोर्ट से होटल तक सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, एसपी अभिषेक शिवहरे ने अतिरिक्त पुलिस बल और कड़े पहरे के दिए निर्देश
रक्षा मंत्री और अन्य वीवीआईपी हस्तियों के जैसलमेर आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं। जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक शिवहरे ने बताया कि एयरपोर्ट से लेकर फोर्ट राजवाड़ा होटल तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए जरूरत के मुताबिक रूट डायवर्जन प्लान भी तैयार किया गया है। होटल परिसर और संवेदनशील मार्गों पर सेना व प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।

