सतना : दीपावली जैसे त्योहार पर मिठाई की बढ़ी हुई मांग को देखते हुए कुछ मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं और स्वास्थ्य के लिहाज से हानिकारक मानी जाने वाली मिठाईयों की खपाया जाने लगता है. इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा बस स्टैण्ड में कार्रवाई करते हुए 350 किलो संदिग्ध मिठाई पकड़ी. मिठाई को बस में लाद कर लाया जा रहा था.
खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे और अभिषेक बिहारी गौड़ रविवार की शाम बस स्टैण्ड पहुंचे. जहां पर उन्होंने बस क्र. एमपी 07 जेड वी 3777 की जांच की. बस में बोरे में लपेटकर सामान रखा गया था. जिसे खोलकर देखने पर अंदर मिठाई रखी मिलीं. रखी गई मिठाई में 40 किलो मिठाई जहां पहले से ही पैक की गई थी. वहीं 10 किलो मिठाई को छोटे छोटे पैकेटों में पैक किया गया था. किसी भी पैकेट पर खाद्य सामग्री से संबंधित किसी तरह की जानकारी अंकित नहीं थी. इसी कड़ी में जब खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मिठाई की प्रारंभिक जांच की तो उन्हें बनाने में रिफाइंड तेल और स्किम्ड मिल्क पाउडर का उपयोग किए जाने की पुष्टि होती नजर आई.
इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को एक अन्य खेप भी कार्टनों में रखी मिली. कार्टून में रखे छोटे छोटे पैकेटों को केक के नाम से पैक किया गया था. जिन पर पैकिंग दिनांक, उपयोग की तिथि, वजन, अथवा अधिकतम खुदारा मूल्य जैसी कोई भी जानकारी अंकित नहीं थी. इतना ही नहीं बल्कि प्रारंभिक जांच में केक के निर्माण में स्किम्ड मिल्क पाउडर, पॉम ऑयल औ सूजी का उपयोग किए जाने की जानकारी सामने आई. आशंका जताई गई कि इन पैकेटों को मिठाई दुकानों के काउंटर के जरिए मिल्क केक के नाम से बेच दिया जाता.
प्रयोगशाला भेजे गए नमूने
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने 350 किलो संदिग्ध मिठाई को जब्त कर लिया. निके नमूने लेकर जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य प्रयोगशाला में भेज दिया गया है. जांच रिपोर्ट में यदि मिलावटखोरी की पुष्टि होती है तो फिर संबंधितों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. लेकिन अब तक यही देखने में आया है कि त्योहरों के अवसर पर इस तरह की संदिग्ध मिठाईयों को बसों के जरिए लावारिस तरीके से परिवहन कर मंगाया जाता है. यदि किसी तरह की जांच कार्रवाई नहीं हुई तो संबंधित मालिक उक्त सामान को ले जाते हैं. और यदि पकड़ लिया गया तो फिर कोई उसे अपना नहीं बताता.
