
इंदौर. पहले ही बेची जा चुकी जमीन के दस्तावेजों में हेरफेर कर उन्हें गिरवी रखकर 60 लाख रुपए का ऋण लेने वाले दंपती के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है. जांच में दंपती द्वारा 4 से 5 अन्य बैंकों और निजी लोगों से भी इसी तरह ऋण लेकर धोखाधड़ी करने की बात सामने आई है.
सोलफुल निधि लिमिटेड के संचालक शरद कुमार पोरवाल की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई. हकीमुद्दीन सैफी और उसकी पत्नी फातिमा ने 21 दिसंबर 2022 को बिजलपुर स्थित प्लॉट के दस्तावेज गिरवी रखकर 60 लाख रुपए का ऋण लिया था. जांच में पता चला कि हकीमुद्दीन यह प्लॉट 5 दिसंबर 2023 को ही हुसैना रस्सीवाला और जहरा रस्सीवाला को बेच चुका था. इसके बावजूद दस्तावेजों में हेरफेर कर उसी जमीन पर दोबारा ऋण ले लिया. रकम मांगने पर आरोपी दंपती संस्था के लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देते थे. एडीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि शिकायत की जांच के बाद दंपती के खिलाफ केस दर्ज किया है. अन्य बैंकों और निजी लोगों से लिए गए ऋण की भी जानकारी जुटाई जा रही है.
