नयी दिल्ली, (वार्ता) तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी पर विपक्ष की आवाज दबाने और ऐसा माहौल बनाने का आरोप लगाया, जिसमें सत्ताधारी दल से सवाल पूछने को बगावत माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी दबाव या धमकी के आगे नहीं झुकेंगे और निडर होकर अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
अपने व्हाट्सएप चैनल पर जारी संदेश में श्री बनर्जी ने कहा कि देश का राजनीतिक परिदृश्य इस हद तक विकृत हो चुका है कि भाजपा की आलोचना करने को लगभग अपराध माना जाने लगा है। लोकतंत्र में जो बातें बिल्कुल सामान्य होनी चाहिए, उन्हें अब असाधारण कदम के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश को विपक्ष-मुक्त बनाना चाहती है और पश्चिम बंगाल में तो उसका यह रवैया और भी अधिक सख्त है।
तृणमूल नेता ने कहा कि असहमति का अधिकार कोई अपराध नहीं है, सत्ता से सवाल पूछना गलत नहीं है और लोकतंत्र किसी एक पार्टी की निजी संपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और देश के हितों के लिए वे हमेशा अपनी स्वतंत्र, निडर और बेबाक आवाज बुलंद करते रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि श्री बनर्जी का यह बयान पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी तीखी राजनीतिक खींचतान और केंद्रीय जांच एजेंसियों के मुद्दे पर चल रहे बयानों के बीच आया है। इसके जरिए उन्होंने अपने रुख को लोकतांत्रिक अधिकारों और विपक्ष की आजादी की रक्षा की लड़ाई के रूप में रेखांकित किया है।
