राजगढ़: जिले के आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान हेतु कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा ‘संवाद से समाधान’ कार्यक्रम की अभिनव पहल शुरू की गई है.कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और शिकायतकर्ता आमने-सामने बैठकर शिकायतों का समाधान करते हैं. इस सप्ताहराजस्व विभाग से संबंधित 5 शिकायतों की समीक्षा की गई है. कलेक्टर डॉ. मिश्रा स्वयं प्रत्येक शिकायत को व्यक्तिगत रूप से सुन कर मौके पर ही उसका समाधान सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया.
यह पहल न केवल अधिकारियों में जवाबदेही स्थापित कर रही है, बल्कि आम नागरिकों और जिला प्रशासन के बीच सीधा संवाद भी स्थापित कर रही है. ‘संवाद से समाधान’ ने आमजन के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास और पारदर्शिता को और मजबूत किया है.संवाद से समाधान कार्यक्रम में शिकायतकर्ता दुर्गाप्रसाद वर्मा द्वारा बताया गया कि आवेदक शम्भुलाल पिता धन्नाकजी ने दो वर्ष पूर्व अभिलेख दुरस्तीग के लिए आवेदन किया था, परन्तुश आज दिनांक तक उनके अभिलेख में सुधार नहीं किया गया.
जिससे आवेदक को काफी समस्याश हो रही हैं. कलेक्टर ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम राजगढ़ से चर्चा की. चर्चा में बताया गया कि उक्त् प्रकरण अपील में हैं. उक्तद सर्वे नंबर का खसरा नहीं होने से जांच में समस्यात आ रही है.कलेक्टर ने एक माह में प्रकरण का निराकरण करने के निर्देश दिए. शिकायतकर्ता चैनसिंह द्वारा बताया गया कि ग्राम सींगापुरा नेठाठरी तहसील सुठालिया में कुल रकबा उनका 8 बीघा भूमि है. सात माह पूर्व तहसील कार्यालय में आवेदन किया था, परन्तुल आज दिनांक तक खसरे में नकल आनलाईन अपडेशन नहीं की गई हैं.
कलेक्टर ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए हल्का पटवारी को निलंबन का नोटिस रीडर तहसील सुठालिया, तहसीलदार सुठालिया में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए. शिकायतकर्ता अनुप सिंह द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा नामांतरण का 25 मार्च 2025 को आवेदन किया गया था, लेकिन आज दिनांक तक उनका नामांतरण नहीं किया गया. शिकायत की जांच में एसडीएम सारंगपुर द्वारा बताया गया कि उक्तन कॉलोनी अवैध हैं. कलेक्टयर ने शिकायतकर्ता को पुनः अपील करने की बात कही. साथ ही तहसीलदार पचोर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए
