अशोकनगर: जिले में श्रम विभाग द्वारा शुरू की गई अंत्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता योजना मजाक बन कर रह गई है, ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि सारे दस्तावेज होने के बाद भी इन योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को नहीं मिल रहा है। ऐसा ही एक मामला ग्राम बांकलपुर का सामने आया है। जहां एक गरीब महिला की मृत्यु हो जाने के सात माह बाद भी न तो उसके परिवार को अंत्येष्टि राशि मिली न ही संबल कार्ड होने के बाद अनुग्रह सहायता योजना का लाभ मिला। जिसके बाद मृतक महिला का पति आए दिन अपनी छह माह की बेटी को साथ लेकर ग्राम पंचायत कार्यालय से लेकर अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाता फिर रहा है। तो वहीं कई बार मिन्नतें और निवेदन करने के बाद भी योजनाओं का लाभ नहीं मिला तो उसने कलेक्ट्रेट आकर शिकायत की।
मोहर सिंह ने बताया कि उसके पास जरूरी दस्तावेज होने के साथ ही संबल कार्ड भी है। गौर करने वाली बात ये है कि जिस निर्धन और जरूरतमंद परिवार के लिए अंत्येष्टि सहायता राशि देने का प्रावधान है, उस परिवार के लिए सात माह गुजर जाने के बाद जिम्मेदारों द्वारा दी नहीं गई या फिर राशि का हड़प लिया गया है। वहीं इस मामलों को लेकर जब पंचायत के रोजगार सहायक छत्रपाल सिंह लोधी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इसे करवा रहे है, जल्द ही इन सहायता राशि मिल जाएगी।
वहीं अंत्येष्टि राशि न दिये जाने पर उन्होंने चुप्पी साध ली। वहीं जब पंचायत सचिव शोभाराम पाल से चर्चा की गई तो पहले उन्होंने परिवार को अन्य पंचायत का होना बताया, जब उनसे और गहनता से पूछताछ की गई तो उनके द्वारा बताया कि इस मामले में दिखवा लेता हूं। वहीं अंत्येष्ट राशि को लेकर बताया कि जितनी राशि आई थी, वह वितरित कर दी गई थी। वहीं मोहर सिंह को नहीं दिये जाने पर उन्होंने कहा कि सरपंच साहब की मृत्यु हो गई और चुनाव हुआ था, इस कारण इन्हें यह राशि नहीं मिल पाई है।
