नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में हिस्सा लिया।
इस दौरान उन्होंने सरदार पटेल के देश की एकता और अखंडता में योगदान को याद करते हुए कहा कि आजादी के बाद 550 से अधिक रियासतों को एकजुट कर उन्होंने भारत को एक सूत्र में बांधा था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में नक्सलवाद और माओवादी आतंक को बड़ा झटका लगा है। उनके मुताबिक, 2015 में 126 नक्सल प्रभावित जिले थे, जिनकी संख्या मार्च 2026 तक शून्य हो गई। उन्होंने कहा कि पहले हिंसा से प्रभावित रहे इलाकों में अब सड़क, मोबाइल नेटवर्क, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं।
गरीबी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2024 से पहले के 10 से 12 वर्षों में 50 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर आए। उन्होंने बताया कि अत्यधिक गरीबी में रहने वाले लोगों का अनुपात पहले प्रति 100 में 27 था, जो अब तीन से कम रह गया है।
श्री मोदी ने कहा कि देश की सुरक्षा और मजबूती का बड़ा आधार लोगों का बढ़ता आत्मविश्वास और राष्ट्रीय एकता है। उन्होंने सामाजिक एकता को कमजोर करने वाली ताकतों और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों से सतर्क रहने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने देश की सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित करने, घुसपैठ रोकने और समान नागरिक संहिता की दिशा में आगे बढ़ने को अगली प्राथमिकताओं में शामिल किया। उन्होंने कहा कि हर प्रयास का लक्ष्य 2047 तक मजबूत और विकसित भारत का निर्माण होना चाहिए।
