जबलपुर । रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने और विभागीय कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने बुधवार एवं गुरुवार को प्रशासनिक भवन का औचक निरीक्षण किया। वे परीक्षा, गोपनीय, अकादमिक, स्थापना और वित्त विभाग सहित विभिन्न शाखाओं में पहुंचे और वहां पदस्थ अधिकारियों तथा कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभागीय कामकाज की अद्यतन स्थिति से अवगत होकर महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
कुलगुरु के औचक निरीक्षण से प्रशासनिक भवन के विभिन्न विभागों में चल रहे कामकाज की समीक्षा हुई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से उनके विभागों में संचालित गतिविधियों तथा महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण का प्रमुख उद्देश्य विभागीय कार्यप्रणाली, प्रशासनिक गतिविधियों की सतत् निगरानी के साथ-साथ महत्वपूर्ण कार्यों के सम्पादन में त्वरित गति देने के लिए दिशा-निर्देश देना रहा। निरीक्षण के दौरान परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुशील कुमार दुबे, डॉ. गजेन्द्र सिंह, श्री वीरेन्द्र पटेल सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे
परीक्षा और गोपनीय विभाग पर विशेष नजर
विश्वविद्यालय के परीक्षा और गोपनीय विभाग की जिम्मेदारी विद्यार्थियों के परीक्षा संबंधी कार्यों तथा परिणाम प्रक्रिया से जुड़ी होती है। वहीं अकादमिक विभाग शैक्षणिक गतिविधियों और स्थापना व वित्त विभाग प्रशासनिक एवं वित्तीय कामकाज से संबंधित हैं। इन महत्वपूर्ण विभागों का निरीक्षण कर कुलगुरु ने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की अद्यतन स्थिति जानी। उन्होंने आवश्यक कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के सख्त निर्देश भी दिए। विश्वविद्यालय में प्रशासनिक कामकाज का सीधा असर विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े कार्यों पर पड़ता है। ऐसे में विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा और महत्वपूर्ण कार्याें की प्रगति पर नजर रखना अहम है। कुलगुरु के औचक निरीक्षण को इसी दिशा में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ाने की कवायद माना जा रहा है।
कुलगुरु ने की खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण व्यवस्था, संसाधनों के उपयोग की पड़ताल-
इस दौरान कुलगुरु प्रो. वर्मा ने विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षण विभाग का निरीक्षण कर खेल सुविधाओं, उपलब्ध संसाधनों और खिलाड़ियों की प्रशिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान खेल उपकरणों, खेल सामग्री, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, खेल परिसर तथा विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग (यूटीडी) की खेल गतिविधियों की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय की विभिन्न खेल टीमों के प्रशिक्षण, खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और खेल गतिविधियों के संचालन से जुड़े पहलुओं की जानकारी भी ली गई। खेल संसाधनों की उपलब्धता और उनके उपयोग के साथ प्रशिक्षण व्यवस्था की स्थिति को समझने पर जोर दिया गया। विश्वविद्यालय में खेल गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए खेल परिसरों, उपकरणों और प्रशिक्षण सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। ऐसे में निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर यह देखना अहम होगा कि खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास सुविधाएं उपलब्ध कराने और विश्वविद्यालय की खेल टीमों के प्रदर्शन में सुधार के लिए किन क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रयासों की जरूरत है। इस अवसर पर संकायाध्यक्ष प्रो. अलका नायक सहित विभाग के सभी अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।
