इंदौर: शहर में विकास कार्यों की फाइलें दफ्तरों में अटकी हैं. जनता परेशान हो रही है. अफसर कागजों में उलझे हैं. इस कारण सरकार की छवि खराब हो रही है.
यह बात महापौर ने निगढ़म अफसरों पर नाराज होते हुए कही. आज सुबह महापौर पुष्यमित्र भार्गव का सुदामा नगर में औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने दो टूक कहा आप लोग कागज-कागज खेलते रहते हो और जनता परेशान होती रहती है. आपके कारण सरकार की छवि खराब होती है. महापौर भार्गव पार्षद जीतू राठौर के साथ क्षेत्र में पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों का जायजा लिया.
क्षेत्र में ड्रेनेज लाइन काम में ठेकेदार की लापरवाही की शिकायतें सामने आईं. वहीं, ए सेक्टर के बगीचे की बाउंड्रीवॉल का टेंडर होने के बावजूद वर्कऑर्डर की फाइल लंबे समय से अटकी होने का मामला सामने आया. महापौर बाउंड्रीवॉल के मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए बोले कि जब काम होना ही नहीं था, तो उसका प्रस्ताव कैसे बन गया? टेंडर किस आधार पर हुआ और वर्क ऑर्डर तक प्रक्रिया कैसे पहुंची? उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि देरी के लिए जिम्मेदार कौन है? महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सभी प्रकरणों की सूची तैयार की जाए. एमआईसी में रिपोर्ट प्रस्तुत कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का कहा है.
