समितियों के पंजीयन निरस्त करने की तैयारी

सिंगरौली । जिले में समथून मूल्य पर विक्रय किये जाने वाले खरीफ फसलों के पंजीयन में विपणन समितियों के कालेकारनामो को वन विभाग ने उजागर कर दिया है। आरोप के साथ-साथ चर्चा है कि विपणन प्रक्रिया आधा दर्जन समितियां कई वर्षो से खेल करती आ रही हैं और उसमें करोड़ों रूपये का शासन को चूना लगाया गया है। ऐसी चर्चाएं अब विभाग में ही चल रही हैं।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह उप वनमंडलाधिकारी बैढ़न ने जिला आपूर्ति अधिकारी सिंगरौली को एक सनसनीखेज पत्र लिखकर सहकारिता विभाग में तहलका मचा दिया है। पत्र में खरीफ सीजन 2026-27 में समितियों द्वारा किये गये फर्जी पंजीयन का जिक्र किया है। पत्र में एसडीओ फॉरेस्ट ने उल्लेख किया है कि खरीफ सीजन वर्ष 2026-27 में वनाधिकार पट्टाधारियों द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय कराए गये फसलों का सत्यापन वन विभाग द्वारा कराया जा रहा है, जिसमें प्राथमिक सहकारी विपणन एवं प्रक्रिया सहकारी समिति सरई समिति कार्यालय बरका से कुल 91, प्राथमिक सहकारी विपणन एवं प्रक्रिया सहकारी समिति माड़ा समिति कार्यालय बसौड़ा से 102, प्राथमिक सहकारी विपणन एवं प्रक्रिया सहकारी समिति बैढ़न समिति कार्यालय बैढ़न 48, प्राथमिक सहकारी विपणन एवं प्रक्रिया सहकारी समिति तियरा समिति कार्यालय तियरा 23, प्राथमिक सहकारी विपणन एवं प्रक्रिया सहकारी समिति बैढ़न समिति कार्यालय सिद्धिखुर्द 9, प्राथमिक सहकारी विपणन एवं प्रक्रिया सहकारी समिति परसौना समिति कार्यालय गड़हरा 8 फर्जी पंजीयन पाए गये। एसडीओ फॉरेस्ट के इस पत्र से विपणन प्रक्रिया समितियों के कामकाज पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लग गया है। सूत्र बता रहे हैं कि उप आयुक्त सहकारिता पीके मिश्रा ने आधा दर्जन समितियों को नोटिस देकर 2 नवम्बर को दफ्तर में उपस्थित होने के लिए पत्र भेजा है। इसमें पंजीयन केन्द्र प्रभारी एवं ऑपरेटर शामिल हैं। इस पत्राचार के बाद सहकारिता विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

समितियों को 2 नवम्बर को हाजिर होने की नोटिस जारी

उपायुक्त सहकारिता सिंगरौली ने उक्त आधा दर्जन विपणन सहकारी समिति के पंजीयन केन्द्र प्रभारी व ऑपरेटरो को आज गुरूवार को नोटिस जारी कर उल्लेख किया है। पत्र में एसडीओ फॉरेस्ट बैढ़न के पत्र का जिक्र करते हुये उक्त समिति द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में वनाधिकार पट्टाधारियों का फर्जी पंजीयन किया गया है। उक्त समिति में जिन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन किया गया है। वह किन दस्तावेजों के आधार पर किया गया है एवं किसान की सहमति ली गई या नही। उप वनमण्डल अधिकारी द्वारा जिला आपूर्ति अधिकारी को अवगत कराया गया है कि की फर्जी पंजीयन के सत्यापन में उनके विभाग के मैदानी अमले का बहुत समय बर्वाद हुआ एवं शासकीय संशाधनों का दुरूपयोग भी हुआ है। उपरोक्त फर्जी किसान पंजीयन के संबंध में पंजीयन से संबंधित सभी मूल दस्तावेज के साथ कारण बताओ नोटिस का जबाव सोमवार दिनांक 2 नवम्बर को इस कार्यालय में दोपहर 3 बजे के बाद समक्ष में उपस्थित होकर प्रस्तुत करें कि क्यों न आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक एवं दण्डात्मक कार्यवाही की जाये।

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