रीवा:रीवा संभाग कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग की बैठक में सभी सीएमएचओ, डीपीओ, बीएमओ को स्पष्ट निर्देश दिए कि संभाग के किसी भी जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु किसी भी स्थिति में न हो. इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. किसी जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु होती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी एवं अमले के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. हर गर्भवती महिला की चार एएनसी चेकअप अनिवार्य रूप से कराएं. किसी भी स्थिति में गर्भवती महिला का घर पर प्रसव न हो.
सभी गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र या जिला चिकित्सालय में ही कराई जाएं. गत दो माह में संभाग के जिन जिलों में पांच से अधिक मातृ एवं शिशु मृत्यु हुई हैं उन जिलों के सीएमएचओ एवं बीएमओ की एक वेतन वृद्धि रोकी जाए एवं डीपीओ का 15 दिन का वेतन भी प्राथमिकता से काटा जाए. उन स्थानों से संबंधित आशा कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा एएनएम का भी 15 दिन का मानदेय प्राथमिकता से काटा जाए और सभी को सचेत किया जाए कि भविष्य में उक्त घटनाओं की पुनरावृत्ति होने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
यदि गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की सभी जांच नियमित रूप से की जाए और उसे पर्याप्त पोषण आहार दिया जाए तो किसी भी स्थिति में मातृ एवं शिशु मृत्यु नहीं हो पाएगी. कमिश्नर ने इस बात पर सख्त नाराजगी व्यक्त की कि जिम्मेदार अमला अपना कार्य ठीक से नहीं कर रहा है.कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों एवं अमले को निर्देश दिए कि वह सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग करें. कमिश्नर ने कहा कि हम यदि गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य की जांच में देरी एवं लापरवाही करेंगे तो हाई रिस्क और ज्यादा बढ़ जाएगा. हर गर्भवती महिलाओं की एएनसी चेकअप शत-प्रतिशत करना है.
सीएमएचओ, बीएमओ, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ता इस आशय का प्रमाण पत्र दें कि गर्भवती महिलाओं की 4 एएनसी चेकअप शत-प्रतिशत की जा चुकी है. कमिश्नर ने चेतावनी दी कि कार्य न करने वाले बीएमओ, एएनएम, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता के विरुद्ध नियम अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. कमिश्नर ने कहा कि कोई भी गर्भवती महिला एएनसी चेकअप से वंचित न रहे. गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य जांच के लिए शिविरों की संख्या बढ़ाएं. वर्तमान में संभाग में गर्भवती महिलाओं का एएनसी चेकअप 92 प्रतिशत है.
कमिश्नर ने सीवर एनिमिक गर्भवती महिलाओं के नियमित स्वास्थ्य की जांच एवं देखभाल के निर्देश दिए. बताया गया कि सीधी जिले में 303, सतना में 347, मऊगंज में 198, रीवा में 522, मैहर में 216 एवं सिंगरौली में 595 सीवर एनिमिक महिलाओं को चिन्हित किया गया है. कमिश्नर ने कहा कि सभी महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच कर उन्हें पर्याप्त पोषण आहर दिया जाए, अन्यथा यह हाई रिस्क में परिवर्तित हो जाएगा.कमिश्नर ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए सेम और मेम बच्चों की जानकारी ली और टीएचआर के तहत वितरित पोषण आहार की समीक्षा की और इसमें अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए.
बैठक में संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र पटेल, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. जीएस परिहार, डॉ. अर्चना पाण्डेय, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग शशि श्याम उइके उपस्थित रहीं. सभी सीएमएचओ, डीपीओ, आयुष चिकित्सक वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए.
