पति की दीर्घायु और सौभाग्य के लिये करवा चौथ का रखेगीं महिलाएं

रीवा, करवा चौथ का पर्व पूरे उत्साह और सम्मान के साथ गुरूवार को मनाया जाएगा. विवाहित महिलाओं के लिये करवा चौथ का उपवास विशेष महत्व रखता है. जीवन साथी और परिवार की कुशल कामना से जुड़ा यह पर्व है.

दांपत्य प्रेम, विश्वास और पति की दीर्घायु की कामना का प्रतीक करवा चौथ व्रत मनाया जाएगा. शुभ मुहूर्त में चलनी से चेहरा देख कर सुहागिन महिलाएं जल ग्रहण करेगी. करवा चौथ की पूर्व संध्या पर बाजार गुलजार रहा. महिलाएं खरीददारी के साथ सजने सवरने में लगी रहीं. हाथों में मेंहदी लगवाने के लिये शिल्पी प्लाजा ए-ब्लाक सहित बाजार में भीड़ रही. करवाचौथ की रौनक ने बाजारों को गुलजार कर दिया, लेकिन बढ़ती भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था की चुनौती भी उभरकर सामने आई. खरीदारी के लिए बाजार पहुंचे लोगों की भीड़ और वाहनों की आवाजाही ने आवागमन मुश्किल कर दिया. करवाचौथ पर खास दिखने की चाह में महिलाएं अपनी पसंद के परिधान चुनने में जुटी रहीं. शहर के बाजारों में कहीं साडिय़ों की खरीदारी हुई तो कहीं डिजाइनर सूट और आकर्षक परिधानों की खरीददारी महिलाओं ने की.

करवा चौथ आपसी प्रेम और संबंधों को मजबूत करता है

श्रीमती गीता ठारवानी बताती है कि करवा चौथ का उपवास-अनुष्ठान अपने जीवन साथी और परिवार की कुशल कामना से जुड़ा है. पूजन-अर्चन हो या आम जीवन महिलाओं के लिये अपनों का सुख सर्वोपरि होता है. उन्होने बताया कि पिछले 21 वर्ष से वह लगातार करवा चौथ का व्रत रखती है. परंपरागत तरीके से व्रत को पूरा करती है और सभी बड़ो का आर्शीवाद लेने के साथ सुख समृद्धि की कामना करती है. हमारे पारंपरिक संस्कारों में करवा चौथ जैसे पर्वो को इस लिये स्थान दिया गया है कि वो संबंधों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सके.

स्नेह और सहजता से जुड़ा पर्व है

श्रीमती अंजू त्रिपाठी बताती है कि करवा चौथ का व्रत हम पूरे नियम के साथ रखते है. एक सुहागन के लिये करवा चौथ का व्रत बेहद महत्वपूर्ण होता है. परंपरागत जीवन शैली का मजबूत आधार लिये शादी के रिश्तों में समय अनुसार ढ़लते-बदलते जीवन से जुड़ा स्नेह और सहजता का होना मनोभावो की डोर को और मजबूती से बांधे रखता है. करवा चौथ सम्मान और उपहार का भी पर्व है. करवा चौथ एक-दूजे से जुड़ाव के मनोभावो को सीचते हुए उपवास और उत्सव का पर्व है आपसी संबंधों को और मजबूत करने का यह पर्व है.

29 साल से रख रहे व्रत

जयश्री पाण्डेय ने बताया कि वह पिछले 29 साल से करवा चौथ का व्रत पूरे विधि विधान से रखती है और परिवार के सुख समृद्धि की कामना करती है. उन्होने बताया कि आपसी प्रेम, विश्वास एवं सम्मान का प्रतीक करवा चौथ हमारे संस्कार का भी एक हिस्सा है. करवा चौथ का व्रत पारंपरिक पर्व, आस्था और विश्वास से जुड़ा है. वैवाहिक रिश्तों में मिठास लाने के साथ एक दूसरे के प्रति सम्मान का पर्व है.

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