
जबलपुर। पाटन थाना अंतर्गत सहसन में करीब एक साल पहले किए गए मुरम के अवैध उत्खनन ने हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया था। उत्खनन के बाद बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के खुले छोड़े गए गहरे गड्ढे में भरे बारिश के पानी में डूबने से 14 वर्षीय किशोर की मौत हो गई थी। इस मामले में विस्तृत मर्ग जांच के बाद, पुलिस ने अब अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस के मुताबिक 17 अगस्त 2026 की दोपहर करीब 12 बजे ग्राम सहसन निवासी रूपेश उर्फ अभिषेक लोधी ठाकुर (14) अपने छोटे भाई लक्ष्मण सिंह लोधी के साथ खेत गया हुआ था। दोपहर में खेत से लौटते समय टोरिया के पीछे स्थित मुरम खदान के पास बने एक बड़े गड्ढे में वह हाथ-पैर धोने के लिए रुका था इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया था। ग्रामीणों ने पानी में छलांग लगाई थी और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद रूपेश को बाहर निकाला था लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। पुलिस ने शव को पीएम के लिए भिजवाते हुये मर्ग कायम किया था।
चार विभागों की जांच में खुली अवैध उत्खनन का राज-
पुलिस ने मृतक के पिता हल्के सिंह, माता मालती बाई, भाई लक्ष्मण, चश्मदीदों और शव पंचनामा के साक्षियों के बयान दर्ज किए। घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया। खनिज निरीक्षक, जिला खनिज अधिकारी, राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त रिपोर्ट में राज उजागर हुआ कि करीब एक वर्ष पूर्व किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा वहां व्यावसायिक लाभ के लिए अवैध रूप से मुरम का भारी उत्खनन किया गया था। उत्खनन के बाद उस खतरनाक और गहरे गड्ढे को न तो भरा गया और न ही वहां कोई सुरक्षा घेरा या चेतावनी बोर्ड लगाया गया। बारिश के कारण इस असुरक्षित गड्ढे में पानी भर गया, जो अंतत: बालक की मौत का कारण बना।
कौन है मौत का जिम्मेदार-
मर्ग जांच में स्पष्ट हुआ कि यदि अज्ञात व्यक्ति द्वारा अवैध उत्खनन कर गड्ढे को इस तरह खुला और असुरक्षित नहीं छोड़ा जाता, तो रूपेश की जान नहीं जाती। इस लापरवाही पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब क्षेत्र में सक्रिय रहे अवैध उत्खनन माफियाओं की कुंडली खंगाल रही है ताकि मुख्य आरोपी का पता लगया जा सके।
