नयी दिल्ली, 28 अक्टूबर (वार्ता) कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है और छात्रों को पढ़ाई तथा छात्रावास का खर्च जुटाने के लिए अपना खून बेचने तक को मजबूर होना पड़ रहा है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और पार्टी समन्वयक अभय दुबे ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में एक समाचार पत्र के स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए कहा कि प्रयागराज में इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के ब्लड बैंक के आसपास सक्रिय दलाल आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों से संपर्क कर उन्हें खून बेचने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, कुछ छात्र महीने में दो से चार बार तक खून बेच रहे हैं और उन्हें एक यूनिट के बदले चार से पांच हजार रुपये मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि पढ़ाई, छात्रावास और अन्य खर्चों का बोझ इतना बढ़ गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पार्टी ने उच्च शिक्षा की बढ़ती लागत पर भी चिंता जताते हुए कहा कि देश में 93 प्रतिशत से अधिक उच्च शिक्षण संस्थान निजी क्षेत्र में हैं। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि सरकारी लॉ कालेज में भी पांच साल की पढ़ाई का खर्च करीब 30 लाख रुपये तक पहुंच जाता है, जबकि छात्रवृत्ति में कटौती और भुगतान में देरी से जरूरतमंद विद्यार्थियों की मुश्किलें और बढ़ रही हैं।
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने और परीक्षाएं रद्द होने की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। पार्टी ने राज्य की भाजपा सरकार पर शिक्षा और रोजगार के मोर्चे पर युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं कर पाने का आरोप लगाया।

