अमरावती/चेन्नई: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं, चेन्नई में भी समुद्र की ऊंची लहरों का पानी सड़क तक पहुंचने की तस्वीरें सामने आई हैं। तूफान के प्रभाव को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाएं और बारिश
रिपोर्टों के मुताबिक, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचे चक्रवात के दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही। विशाखापट्टनम, अनकापल्ली, काकीनाडा और कोनसीमा समेत कई इलाकों में भारी बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया।
विशाखापट्टनम में 18 घंटे में 200 मिमी से ज्यादा बारिश
विशाखापट्टनम में करीब 18 घंटे के दौरान 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज किए जाने की खबर है। भारी बारिश से कई जगह पानी भरने की स्थिति बनी। वहीं, श्रीकाकुलम जिले में धान के खेतों में पानी जमा होने के बाद 167 गांवों के लिए बाढ़ संबंधी अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
चेन्नई में समुद्र की लहरें सड़क तक पहुंचीं
चक्रवात के प्रभाव के बीच चेन्नई के तटीय इलाके भी चर्चा में हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, समुद्र की ऊंची लहरों के साथ पानी सड़क तक पहुंच गया। जिसका वीडियो वायरल हो रहा है. तटीय क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति और स्थानीय मौसम पर नजर रखी जा रही है।
करीब 50 ट्रेनें और 21 उड़ानें रद्द
चक्रवात का असर रेल और हवाई यातायात पर भी पड़ा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, करीब 50 ट्रेनें रद्द की गईं। विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम से जुड़ी 21 उड़ानें भी रद्द होने की जानकारी है। यात्रियों को स्टेशन या एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन और उड़ान की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।
