इंदौर: सड़क निर्माण और मरम्मत के दौरान चेंबर के ढक्कन सतह से नीचे रह जाना या टूटे होना एक गंभीर समस्या है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का बड़ा खतरा पैदा हो रहा है. सड़क निर्माण या डामरीकरण के दौरान ठेकेदारों और निगम के इंजीनियरों के बीच लेबल मिलाने की लापरवाही रहती है, जिससे चेंबर सड़क की सतह से नीचे या ऊपर रह जाते हैं.
शहर में विकास कार्यों के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर चेंबर की समस्या गंभीर रूप में सामने आ रही है. कई स्थानों पर सड़क की सतह ऊंची हो गई है, जबकि चेंबर के ढक्कन नीचे रह गए हैं. वहीं, कुछ जगह चेंबर के ढक्कन टूटे हुए दिखाई देते हैं. तेज गति से आने वाले दोपहिया वाहन चालकों के लिए अचानक सामने आने वाला यह अंतर खतरनाक साबित हो सकता है. ध्यान नहीं देने पर वाहन चालक अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार बन रहे हैं.
यह समस्या एक क्षेत्र की नहीं, बल्कि शहर भर में यहां तक की मुख्य मार्गों की भी है. वाहन चालक खासकर दो पहिया चालक दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं. जहां क्षेत्र के पार्षद और जनप्रतिनिधि लापरवाह हैं, वहीं निगम अधिकारी भी इधर बिल्कुल ध्यान नहीं देते, इसमे सड़क रिपेयरिंग के दौरान निगम इंजीनियरों की बड़ी लापरवाही सामने आती है. नगर निगम प्रशासन को ऐसे स्थानों का सर्वे कराकर तत्काल सुधार करना चाहिए. आखिर किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जिम्मेदार विभाग की नींद टूटगीे? क्या नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी नहीं है?
यह बोले छात्र, अभिभावक और समाजसेवी…
महिलाएं स्कूटी से निकलती हैं तो अचानक सामने आए टूटे या नीचे दबे चेंबर से वाहन संभालना मुश्किल हो सकता है. निगम को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए.
– राजेश मिश्र, पालकगण
स्कूल आने-जाने वाले बच्चे भी साइकिल और दोपहिया वाहनों से इन सड़कों से गुजरते हैं, चेंबर के टूटे ढक्कन और ऊंचाई का अंतर भी दुर्घटना का खतरा बढ़ा रहा है.
– सत्यम भालेराव, छात्र
यह एक बार की समस्या नहीं है, शहर में सैकड़ों जगह ऐसे चैंबर देखे जा सकते हैं, निगम को किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना इन्हें दुरुस्त करना चाहिए.
– रेहान खान, समाजसेवी
