जबलपुर: फरार इनामी महिला सीएसपी नेहा पच्चीसिया की तरफ से एफआईआर को निरस्त करने तथा अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली गयी है । याचिका की सुनवाई की सुनवाई के दौरान उनकी तरफ से तर्क प्रस्तुत किया गया कि जमीन की खरीदी व बिक्री में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। इसके अलावा उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया प्रकरण भी गलत तथ्यों के आधार पर दायर किया गया है। याचिका पर बुधवार को राज्य सरकार तथा शिकायतकर्ता की तरफ से पक्ष प्रस्तुत किया जायेगा।
गौरतलब है कि कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित तीन आरोपियों के खिलाफ कुठला थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। कटनी पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर दस-दस हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था। उन पर आरोप था कि कुठला थानान्तर्गत हत्या के अपराध में निर्धारित समय अवधि में चालान पेश नहीं करने के कारण आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का लाभ मिल गया था। इसके एवज में उन्होंने आरोपियों की जमीन बहुत कम दर में अपने एजेंट के नाम पर खरीदी।
फरार महिला सीएसपी की तरफ से तर्क प्रस्तुत किया गया कि उक्त जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदी गई थी। उसके बैंक खाते में क्षितिज राज पात्रे ने राशि ट्रांसफर की थी। उनके बैंक खाते से किसी प्रकार का कोई लेनदेन नहीं हुआ है। भूमि की खरीदी व बिक्री में उनकी भूमिका होने के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं है।
