इंदौर: मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग और तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित सेमीकंडक्टर समिट की प्रदर्शनी में 57 प्रदर्शकों ने अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया. प्रदर्शनी में 70 बूथ और तीन बड़े स्टॉल लगाए गए, जहां वैश्विक कंपनियों के साथ देश के प्रमुख वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक संस्थानों ने अपनी तकनीकों और नवाचारों को प्रस्तुत किया.
प्रदर्शनी में एससीएल मोहाली, सीएसआईआर-सीईईआरआई पिलानी, आरआरकैट और आईआईटी इंदौर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की सहभागिता रही। इससे सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अनुसंधान, तकनीकी विकास और उद्योगों के बीच सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया गया.
तीन विदेशी भाषाओं में जारी हुई सेमीकंडक्टर नीति
समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025 का जापानी, ताइवानी और कोरियाई भाषाओं में विमोचन किया. इस पहल को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों तक प्रदेश की नीतिगत जानकारी पहुंचाने और सेमीकंडक्टर क्षेत्र की वैश्विक कंपनियों के साथ निवेश संबंध मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
निवेश अनुकूल नीतियों और कुशल मानव संसाधन पर जोर
नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय तथा मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल सहित अन्य अधिकारियों ने भी प्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों, कुशल मानव संसाधन और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर जोर दिया. सेमीकंडक्टर जैसे तकनीक आधारित क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए उद्योगों, अनुसंधान संस्थानों और प्रशिक्षित युवाओं के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण माना गया.
निवेश प्रस्तावों के आंकड़ों में स्पष्टता जरूरी
समिट के दौरान प्राप्त 5,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों और पांच कंपनियों को भूमि आवंटन से जुड़े 9,625 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को अलग-अलग श्रेणियों में देखा जाना चाहिए. दोनों आंकड़ों को जोड़कर कुल निवेश बताने से पहले यह पुष्टि जरूरी है कि इनमें किसी परियोजना की दोहरी गणना नहीं हुई है. इसी प्रकार, रोजगार से संबंधित आंकड़े प्रस्तावित रोजगार अवसरों को दर्शाते हैं। इन्हें वास्तविक नियुक्तियों के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए. निवेश प्रस्तावों, परियोजनाओं के क्रियान्वयन और वास्तविक रोजगार सृजन के आंकड़ों में अंतर स्पष्ट रखने से प्रदेश में सेमीकंडक्टर निवेश की वास्तविक स्थिति का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा.
ढाई साल में 25 से अधिक नीतियां, 34 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ढाई वर्ष में 25 से अधिक नीतियां बनाकर निवेश के नए अवसर तैयार किए हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सहित विभिन्न प्रयासों के माध्यम से प्रदेश को लगभग 34 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से 30 प्रतिशत से अधिक प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं, ऐसा उन्होंने बताया
