नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर (वार्ता) देश की सबसे बड़ी यात्री वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी की बिक्री में चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में मूल्य के आधार पर 26 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद कच्चे माल की लागत बढ़ने से उसका एकल शुद्ध लाभ 27 प्रतिशत घटकर 2,415 करोड़ रुपये रह गया।
कंपनी के निदेशकमंडल ने मंगलवार को तिमाही वित्तीय परिणामों को मंजूरी प्रदान की। गत 30 सितंबर को समाप्त तिमाही में एक साल पहले की तुलना में बिक्री 26.5 प्रतिशत बढ़कर 69,665 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। शुद्ध बिक्री 50,616 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले के मुकाबले 26.1 प्रतिशत अधिक है।
वहीं, दूसरी तिमाही का कंपनी का शुद्ध लाभ 2,415 करोड़ रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही से 26.9 प्रतिशत कम है। पिछले साल जुलाई-सितंबर की तिमाही में कंपनी को 3,303 करोड़ रुपये का शुद्ध एकल लाभ हुआ था।
इस दौरान कुल बिक्री 26.5 प्रतिशत बढ़कर 6,96,654 इकाई पर पहुंच गई। इसमें घरेलू बिक्री में 33.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और यह 5,88,535 इकाई पर रही। निर्यात 2.1 फीसदी घटकर 1,08,119 इकाई रहा।
मुनाफा घटने की मुख्य वजह कच्चे माल की लागत में करीब 50 प्रतिशत का तेज इजाफा रहा है। यह एक साल पहले के 25,324 करोड़ रुपये से बढ़कर पिछली तिमाही में 37,488 करोड़ रुपये हो गया। इसमें 48 फीसदी की वृद्धि देखी गई है। बिक्री से प्राप्त शुद्ध आय की तुलना में कच्चे माल की लागत का अनुपात बढ़कर 79.9 प्रतिशत हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 75.7 प्रतिशत था।
इस दौरान घरेलू बाजार में कंपनी ने 2,81,308 यात्री कारें बेचीं जो सालाना आधार पर 31.9 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है। उपयोगी वाहनों की बिक्री 52.3 फीसदी बढ़कर 2,36,807 इकाई और वैन की 11.3 प्रतिशत बढ़कर 36,897 इकाई हो गई। हल्के वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 23.5 प्रतिशत का इजाफा हुआ और यह 10,441 इकाई दर्ज की गई। दूसरी कंपनी की बिक्री 23.2 प्रतिशत घटकर 23,082 इकाई रह गई।
