
सीधी। मृतक का फर्जी हस्ताक्षर कर नामांतरण का खेल खेला गया । तहसील चुरहट में नामांतरण में किये गये खेल की शिकायत में लगे आरोप ने पोल खोली और
शिकायतकर्ता ने दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
जिले के चुरहट निवासी संजय पाण्डेय ने न्यायालय तहसीलदार चुरहट में संचालित एक नामांतरण प्रकरण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए तहसीलदार, संबंधित पटवारी, न्यायालय के प्रवाचक, कोटवार एवं नामांतरण कराने वाली महिला के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी चुरहट के समक्ष विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की है। शिकायत के अनुसार न्यायालय तहसीलदार चुरहट के राजस्व प्रकरण क्रमांक 0303/अ-6/2024-25 में दिनांक 10 जून 2025 को पारित आदेश के दौरान मृतक उमेश कुमार पटेल को जीवित दर्शाकर पूरी नामांतरण प्रक्रिया संचालित की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि उमेश पटेल की मृत्यु 31 मार्च 2025 को हो चुकी थी, इसके बावजूद उनके नाम से नोटिस तामील कराए गए, सहमति दर्शाई गई, कथित रूप से हस्ताक्षर किए गए तथा उन्हें जीवित मानते हुए पटवारी प्रतिवेदन एवं स्थल पंचनामा तैयार किया गया।
संजय पाण्डेय का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों को मृत्यु की जानकारी होने के बावजूद कथित रूप से षड्यंत्रपूर्वक पूरे प्रकरण का संचालन किया गया और अंततः मृतक के नाम से भूमि का नामांतरण क्रेता पक्ष के पक्ष में कर दिया गया। उन्होंने इसे न्यायिक प्रक्रिया के साथ गंभीर छल एवं कूटरचना बताते हुए भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता संजय पाण्डेय का कहना है कि न्यायालयीन प्रक्रिया में इस प्रकार की कथित अनियमितता न्याय व्यवस्था की गरिमा पर प्रश्नचिह्न है और इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
मृतक को कागज में कर दिया गया जिंदा-
शिकायतकर्ता संजय पाण्डेय का आरोप है कि उमेश कुमार पटेल की 31 मार्च 2025 को मृत्यु हो जाने के बावजूद तहसीलदार की न्यायालय में उन्हें जीवित दर्शाते हुए नामांतरण की पूरी प्रक्रिया संचालित की गई। शिकायत के अनुसार मृतक के नाम से नोटिस जारी किए गए, कथित रूप से सहमति दर्ज कराई गई, हस्ताक्षर बनाए गए, पटवारी द्वारा प्रतिवेदन एवं स्थल पंचनामा तैयार किया गया तथा बाद में उसी आधार पर नामांतरण आदेश भी पारित कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने इसे न्यायालयीन अभिलेखों में गंभीर कूटरचना और धोखाधड़ी का मामला बताया है।
पांच के खिलाफ एफआईआर की मांग-
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूरे प्रकरण में तहसीलदार चुरहट, संबंधित हल्का पटवारी, न्यायालय के प्रवाचक, मृतक के नाम नोटिस तामील करने वाले कोटवार तथा नामांतरण कराने वाली क्रेता महिला उषा पटेल की मिलीभगत रही। उनका कहना है कि मृतक की मृत्यु की जानकारी होने के बावजूद कथित रूप से षड्यंत्रपूर्वक दस्तावेज तैयार किए गए और नामांतरण आदेश पारित किया गया। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत सभी संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
इनका कहना –
शिकायत प्राप्त हुई है। जांच के लिए तहसीलदार को निर्देशित किया गया है। जांच के बाद तथ्य व दस्तावेज सामने आने पर कार्यवाही की जाएगी।
अजय शर्मा ,एसडीएम चुरहट
