नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर (वार्ता) घरेलू विमान सेवा कंपनियों की उड़ानों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या गत सितंबर में एक साल पहले की तुलना में 6.49 प्रतिशत घटकर 1.18 करोड़ रह गई जो 46 महीने का निचला स्तर है।
यह लगातार चौथा महीना है जब हवाई यात्रियों की संख्या में कमी दर्ज की गयी है। इंडिगो, एयर इंडिया समूह और अकासा एयर की बाजार हिस्सेदारी बढ़ी है जबकि वित्तीय संकट से जूझ रही स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी अब घटकर एक प्रतिशत से भी कम रह गयी है।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से सितंबर तक हवाई यात्रियों की संख्या में 0.82 प्रतिशत की गिरावट देखी गयी। यह पिछले साल की इसी अवधि के 12.34 करोड़ से कम होकर 12.24 करोड़ रह गयी।
बाजार हिस्सेदारी के मामले में इंडिगो 65.4 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर बनी हुई है। कुल 77.30 लाख यात्रियों ने उसकी उड़ानों में सफर किया। इससे पहले, अगस्त में उसकी बाजार हिस्सेदारी 65 प्रतिशत थी। स्पाइसजेट की हिस्सेदारी में कमी का सबसे अधिक लाभ इंडिगो को ही हुआ है।
एयर इंडिया समूह (जिसमें एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं) की बाजार हिस्सेदारी भी अगस्त के 26.7 प्रतिशत से बढ़कर 26.8 प्रतिशत और अकासा की 5.5 प्रतिशत से बढ़कर 5.6 प्रतिशत पर पहुंच गयी।
स्पाइसजेट की हिस्सेदारी अगस्त के 1.2 फीसदी से घटकर 0.6 फीसदी रह गयी। उसकी उड़ानों में 73 हजार यात्रियों ने सफर किया।
देश में हवाई यात्रियों की संख्या घटने की सबसे बड़ी वजह विमान सेवा कंपनियों द्वारा उड़ानों में की गयी कटौती है। बाजार में संयुक्त रूप से 90 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाली एयर इंडिया समूह और इंडिगो ने पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों में कटौती की थी जो अब तक जारी है।
डीजीसीए के अनुसार, भरी सीटों के साथ उड़ान भरने (पीएलएफ) के मामले में अकासा एयर 88.1 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रही। इंडिगो की उपलब्ध सीटों में से सितंबर में 81.1 प्रतिशत भरी रहीं। इस मामले में 79.9 प्रतिशत के साथ एयर इंडिया समूह तीसरे और 78.8 प्रतिशत के साथ स्पाइसजेट चौथे स्थान पर है।
