
भराड़ीसैंण (गैरसैण) 27 अक्टूबर (वार्ता) उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण के भराड़ीसैंण में मंगलवार सुबह शुरू हुई विधान सभा (विस) की कार्यवाही जारी है।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले पूर्व विधायक चन्द खंडूरी और हीरा सिंह बिष्ट को सदन में श्रद्धांजलि दी गई।
नेता सदन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सहित पक्ष, विपक्ष के सभी सदस्यों ने दोनों पूर्व विधायकों के कामकाज पर अपने विचार व्यक्त किए। जबकि कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल, स्वराज दल, प्रधान संगठन के नेता और कार्यकर्ता को विधान भवन से लगभग बीस किलोमीटर दूर दिवालीखाल गांव और लगभग तीस किलोमीटर दूर जंगलचट्टी पर लगाए गए बेरीकेडिंग पर हंगामा कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने जंगलचट्टी बेरीकेडिंग को तोड़ दिया और दिवालीखाल तक पहुंच गए। पुलिस ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोकने के लए पानी की बौछार के साथ हवा में लाठियां चलाई।
इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व अध्यक्ष करण महरा और चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष हरक सिंह रावत सहित कई अन्य को हिरासत में ले लिया गया।
कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन बताते हुए सरकार से प्रदेश की समस्याओं पर जवाब देने की मांग की। पार्टी नेताओं का कहना है कि विधानसभा सत्र जनता के मुद्दों पर चर्चा करने का महत्वपूर्ण अवसर है और सरकार को इन सवालों से बचने के बजाय उनका जवाब देना चाहिए।
विधानसभा सत्र के दौरान प्रधान संगठन उत्तराखंड ने भी अपनी मांगों को लेकर विधानसभा घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया। संगठन ने प्रदेश के सभी जिलों और ब्लॉकों से ग्राम प्रधानों तथा पदाधिकारियों के शामिल होने का आह्वान किया है। इनका आरोप है कि ग्राम पंचायतों के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों को सीमित किया जा रहा है। संगठन के अध्यक्ष आनंद सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि पिछले करीब छह महीने से मांगों को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन शासन स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मनरेगा से जुड़े मुद्दे, मानदेय और ग्राम पंचायतों के अधिकारों की बहाली उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं। प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द शासनादेश जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
