नई दिल्ली, भारतीय रेलवे ने ट्रेन यात्रियों के लिए एक बड़ा और राहत भरा कदम उठाते हुए आज से नए बीमा नियम लागू कर दिए हैं। अब तक केवल ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों को मिलने वाली वैकल्पिक यात्रा बीमा की सुविधा को अब रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से टिकट खरीदने वालों के लिए भी बढ़ा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद रेलवे बोर्ड ने यह व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत काउंटर से रिजर्व टिकट लेते समय यात्री मात्र 45 पैसे का प्रीमियम देकर 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर प्राप्त कर सकते हैं।
केवल 45 पैसे के प्रीमियम में मिलेगा ट्रेन दुर्घटना, आतंकी हमले और अन्य आपात स्थितियों में 10 लाख तक का कवरेज
इस नई व्यवस्था के तहत काउंटर से टिकट बुक कराते समय यात्रियों को बीमा का विकल्प मिलेगा, लेकिन इसके लिए भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से ही करना होगा, नकद पैसे स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यह बीमा स्लीपर, एसी और चेयर कार जैसे आरक्षित और आरएसी (RAC) टिकटों पर ही लागू होगा। ट्रेन के पटरी से उतरने, टक्कर होने या किसी अन्य भीषण दुर्घटना की स्थिति में यात्री या उनके नॉमिनी को अधिकतम 10 लाख रुपये तक का मुआवजा मिल सकता है, बशर्ते क्लेम दुर्घटना के चार महीने के भीतर दाखिल किया गया हो।
बीमा लेना पूरी तरह वैकल्पिक, टिकट रद्द करने पर कटेंगे 9 पैसे; बच्चों के टिकट और अनारक्षित श्रेणी पर लागू नहीं होगी योजना
रेलवे स्पष्ट किया है कि यह यात्रा पूरी तरह वैकल्पिक है, यानी यात्री अपनी इच्छा के अनुसार इसे चुन सकते हैं या छोड़ सकते हैं। यदि कोई यात्री बीमा लेने के बाद अपना टिकट रद्द करवाता है, तो 45 पैसे के प्रीमियम में से 9 पैसे काटकर शेष राशि वापस दी जाएगी। हालांकि, आधे किराए वाले बच्चों के टिकट और जनरल (अनारक्षित) श्रेणी के टिकटों पर इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य काउंटर और ऑनलाइन बुकिंग करने वाले सभी यात्रियों को समान रूप से सुरक्षा कवच प्रदान करना है।

