न्यूनतम निर्माण लागत से भारत बन सकता है दुनिया का डेटा सेंटर हब: अनिल अग्रवाल

नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (वार्ता) वेदांता रिसोर्सेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने एक पोस्ट के जरिए वैश्विक डेटा सेंटर अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती संभावनाओं का उल्लेख करते हुए सोमवार को कहा कि भारत में डेटा सेंटर बनाने की लागत दुनिया में सबसे कम है और यहां हरित बिजली सहित बिजली उत्पादन क्षमता क्षमता बढ़ रही है तथा देश का विशाल समुद्री क्षेत्र भविष्य में समुद्र के नीचे डेटा सेंटरों के विकास की महत्वपूर्ण संभावनाएं उत्पन्न करता है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच दुनिया भर में डेटा सेंटर अवसंरचना में निवेश बढ़ रहा है और ऐसे में भारत के पास इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल करने के कई अवसर हैं। उन्होंने कहा “भारत में डेटा सेंटर बनाने की लागत करीब 6.83 अमेरिकी डॉलर प्रति वाट है, जबकि अमेरिका में यह 12.08 डॉलर और यूरोप में 12.75 डॉलर प्रति वाट है। लागत का यह अंतर भारत को वैश्विक डेटा सेंटर निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाता है।”

उन्होंने कहा कि भारत की बिजली उत्पादन क्षमता, खासकर अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ती क्षमता देश के लिए महत्वपूर्ण बढ़त की स्थिति बनाती है क्योंकि डेटा सेंटर उद्योग को बड़ी मात्रा में भरोसेमंद बिजली की जरूरत होती है।दुनिया भर में कंपनियां डेटा सेंटर के लिए 20 साल तक के दीर्घकालिक बिजली समझौते कर रही हैं।

श्री अग्रवाल ने भारत की भौगोलिक स्थिति को भी एक संभावित लाभ के तौर पर रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत तीन तरफ से समुद्र से घिरा है और उसका समुद्री क्षेत्र उसके भूमि क्षेत्र के करीब 70 प्रतिशत के बराबर है। ऐसे में भविष्य में अंडरसी डेटा सेंटर के विकास की दिशा में भी भारत के पास महत्वपूर्ण संभावनाएं हैं।

उन्होंने भारत की 1.5 अरब की आबादी और इससे पैदा होने वाले विशाल डेटा को भी देश की एक बड़ी ताकत बताया।

श्री अग्रवाल ने कहा कि वेदांता और स्टरलाइट डेटा सेंटर पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न हिस्सों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कंपनियां ऑप्टिकल फाइबर और उससे जुड़े उपकरणों से लेकर सिस्टम इंटीग्रेशन और पावर तक कई महत्वपूर्ण सामग्री और समाधान उपलब्ध कराती हैं। वैश्विक स्तर पर डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ने के साथ इन सामग्रियों और समाधानों की मांग भी बढ़ने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर अर्थव्यवस्था आने वाले समय में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने के साथ भारत की आर्थिक वृद्धि का एक महत्वपूर्ण इंजन बन सकती है।

 

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