लंदन 26 अक्टूबर (वार्ता) इंग्लैंड के पूर्व स्पिन गेंदबाज गैरेथ बैटी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2027 सीजन से चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) में असिस्टेंट कोच के रूप में जुड़ेंगे। उन्होंने पांच साल तक सरे के मुख्य कोच के तौर पर काम करने के बाद टीम को छोड़ दिया है। उनके कार्यकाल में टीम ने लगातार तीन बार काउंटी चैंपियनशिप का खिताब जीता। वह सीएसके के नए मुख्य कोच जहीर खान के अंडर काम करेंगे। बैटी ने 2022 में सरे के मुख्य कोच का पद संभाला था। अपने पहले ही सीजन में उन्होंने टीम को काउंटी चैंपियनशिप जिताई, और फिर 2023 व 2024 में भी टीम को चैंपियन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। 2025 में सरे उपविजेता रही। इस शानदार प्रदर्शन के दौरान, सरे लगभग 60 वर्षों में लगातार तीन खिताब जीतने वाली पहली टीम बनी। 48 वर्षीय बैटी ने अपने पांच साल के कार्यकाल में हर सीजन में सरे को ‘वाइटैलिटी ब्लास्ट’ के नॉकआउट स्टेज तक पहुंचाया, जिसमें दो बार टीम ‘फाइनल्स डे’ तक पहुंची। उनके कार्यकाल के दौरान, सरे की पहली टीम के कई खिलाड़ियों ने इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई।
बैटी के जाने से सरे के साथ उनका 21 साल पुराना रिश्ता खत्म हो गया है। वह 1998 से 2001 के बीच इस क्लब के लिए खेले थे और फिर 2010 में वापस लौटे। उन्होंने 2015 से 2017 तक टीम की कप्तानी की। 2021 में क्रिकेट से संन्यास लेने के तुरंत बाद वह कोचिंग स्टाफ में शामिल हो गए और एक साल बाद मुख्य कोच का पद संभाल लिया।
एक खिलाड़ी के तौर पर, बैटी ने सरे के लिए 350 से अधिक मैच खेले और सभी फॉर्मेट्स में 500 से ज़्यादा विकेट लिए। वह टी-20 क्रिकेट में क्लब के लिए संयुक्त रूप से सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ भी हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, उन्होंने तीनों फॉर्मेट्स में इंग्लैंड का 20 बार प्रतिनिधित्व किया।
सीएसके से जुड़ने के बारे में बैटी ने कहा, “आईपीएल में सीएसके के साथ यह नया सफर मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत रोमांचक है, और मैं काम शुरू करने के लिए उत्सुक हूं।”
बैटी ने क्लब में अपने पूरे समय के दौरान समर्थन देने के लिए सरे के क्रिकेट निदेशक एलेक स्टीवर्ट को धन्यवाद दिया और कहा कि उनका यहां से जाना एक नए अध्याय की शुरुआत है। स्टीवर्ट ने एक खिलाड़ी और कोच के रूप में बैटी के योगदान को सराहा और सरे के इतिहास के सबसे सफल दौर में उनकी भूमिका को याद किया।
स्टीवर्ट ने कहा, “मुख्य कोच की ज़िम्मेदारी संभालना कभी आसान नहीं होता, खासकर सरे जैसे क्लब में, जहां लोगों की उम्मीदें और परंपराएं बहुत अधिक हैं। गैरेथ ने इस चुनौती को स्वीकार किया। उनकी कप्तानी में टीम ने लगातार तीन काउंटी चैंपियनशिप खिताब जीते, जो उनकी कड़ी मेहनत, खिलाड़ियों को समझने की उनकी क्षमता और जीतने के उनके पक्के इरादे को दर्शाता है।”
