रियो डी जेनेरियो / नई दिल्ली, ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां मौजूदा राष्ट्रपति और दिग्गज वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने रोमांचक मुकाबले में अपने प्रतिद्वंद्वी फ्लेवियो बोल्सोनारो को शिकस्त देकर चुनाव जीत लिया है। चुनाव के दूसरे दौर में 99.77 प्रतिशत वोटों की गिनती के बाद 80 वर्षीय लूला को 51.76 प्रतिशत वैध वोट मिले, जबकि बोल्सोनारो को 48.24 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। इस शानदार जीत के साथ ही लूला ब्राजील के इतिहास में चौथी बार राष्ट्रपति की कुर्सी संभालने जा रहे हैं, जो उनके राजनीतिक सफर का एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
महंगाई, अपराध और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर लड़ा गया चुनाव, कड़े संघर्ष के बाद लूला को मिली लगभग 44 लाख वोटों की बढ़त
यह चुनाव ब्राजील में जीवनयापन की बढ़ती लागत, सुरक्षा चिंताओं और भ्रष्टाचार के मुद्दों के साए में लड़ा गया, जिससे लूला के लिए राह आसान नहीं थी। बोल्सोनारो ने अपराध पर सख्ती और महंगाई कम करने के वादों के साथ जोरदार प्रचार किया था, जिसके चलते पहले राउंड में दोनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। हालांकि, अंतिम चरणों में हुए मतदान के बाद आए परिणामों के अनुसार, लूला ने अपने प्रतिद्वंद्वी पर लगभग 44 लाख वोटों की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली, जिससे ब्राजीलियन चुनाव न्यायालय ने उनकी इस ऐतिहासिक वापसी की आधिकारिक घोषणा की।
लूला की जीत का अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ेगा गहरा असर, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर दी आत्मीय शुभकामनाएं
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लूला डा सिल्वा की इस जीत का असर केवल ब्राजील तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लैटिन अमेरिका के इस सबसे बड़े देश की विदेश नीति ग्लोबल साउथ और चीन के साथ और अधिक प्रगाढ़ होगी। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति को उनकी इस ‘शानदार जीत’ पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए हार्दिक बधाई दी है। पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि वे भारत और ब्राजील के बीच बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को और अधिक गहरा तथा व्यापक बनाने के लिए लूला के साथ मिलकर काम करने को लेकर बेहद उत्सुक हैं।

