
नीमच/मनासा। जिले के मनासा क्षेत्र के ग्राम पीपलोन में शनिवार को उस समय हडक़ंप मच गया, जब एक किसान के चने के खेत में करीब सात फीट लंबा विशालकाय अजगर दिखाई दिया। खेत में अजगर की मौजूदगी से किसान घबरा गया और उसने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद 14 किलो वजनी अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
जानकारी के अनुसार ग्राम पीपलोन निवासी किसान राजू पिता गंगारामजी शनिवार को अपने खेत पर पहुंचे थे। इसी दौरान चने की फसल के बीच उन्हें एक बड़ा अजगर दिखाई दिया। उन्होंने बिना कोई जोखिम उठाए इसकी जानकारी उपवनमंडलाधिकारी कुलदीप सिंह ठाकुर को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन परिक्षेत्राधिकारी मनासा धर्मेंद्र मईडा के निर्देश पर वन विभाग की टीम को तत्काल मौके पर रवाना किया गया।
चने की फसल के बीच छिपा था अजगर, सावधानी से किया रेस्क्यू
मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने खेत में अजगर की स्थिति का जायजा लिया और उसे सुरक्षित पकडऩे की कार्रवाई शुरू की। अजगर की लंबाई करीब सात फीट और वजन लगभग 14 किलोग्राम होने के कारण टीम को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। करीब एक घंटे तक चली मशक्कत के बाद टीम ने अजगर को सुरक्षित काबू कर लिया। रेस्क्यू के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि अजगर को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा भी बनी रहे।
स्वस्थ मिलने पर जंगल में छोड़ा, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम ने अजगर की स्थिति देखी। अजगर पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ दिया गया। अजगर के पकड़े जाने के बाद किसान और आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
इस रेस्क्यू अभियान में बीट प्रभारी महेश पाटीदार और शासकीय वाहन चालक प्रेम सिंह गौड़ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग की टीम ने समय रहते कार्रवाई कर अजगर को सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास में पहुंचा दिया।
