रीवा:जिले में उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा को आयोजित की गई. परीक्षा जिले के सभी शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों आयोजित की गई. परीक्षा में 71 हजार से ज्यादा नवसाक्षरों ने परीक्षा दी. परीक्षा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई. परीक्षार्थियों को तीन घंटे की अवधि में अपनी सुविधानुसार परीक्षा देने का अवसर दिया गया.
इस संबंध में जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी नीरज नयन तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य ‘जन-जन साक्षर’ के संकल्प को साकार करना है. यह कार्यक्रम 1 अप्रैल 2022 से संचालित है. वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर जिले में असाक्षर चिह्नित हैं, जिन्हें वर्ष 2027 तक साक्षर बनाने का लक्ष्य है. रीवा विकासखंड में 8500 से अधिक नवसाक्षरों ने परीक्षा देकर मूल्यांकन कार्य में सहभागिता की. जन शिक्षा केंद्र शासकीय हायर सेकेंडरी महसांव रीवा के अंतर्गत शासकीय विद्यालय रीठी की छात्रा अंशिका कोरी की मौसी एवं नानी ने एक साथ परीक्षा दी.
