रीवा: सिरमौर क्षेत्र के रोझौही और सरई कला में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर पिछले एक माह से स्थानीय ग्रामीण विरोध कर रहे है. प्रशासन और कम्पनी के अधिकारियों को कई बार बैरंग लौटा चुके है, समझाइश का भी कोई असर नही हो रहा है.विरोध अब जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है. रोझौही और सरई कला के अलावा आसपास के गांवों के लोग भी पावर प्लांट के विरोध में खड़े हो गये है. वही दूसरी तरफ कांग्रेस भी विरोध में शामिल हो गई है. दो दिन बाद विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान कांग्रेस ने किया है. ग्रामीण परमाणु हटाओ जीवन बचाओ के नारे के साथ पावर प्लांट को रद्द करने की मांग कर रहे है. रोझौही में प्रस्तावित टाटा पावर के न्यूक्लियर पावर प्लांट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन अब व्यापक रूप लेता जा रहा है.
सरई कला और रोझौही के बाद अब लालगांव के महूहा टोला और वार्ड 2 व 3 के ग्रामीणों ने भी इसके विरोध में मोर्चा खोल दिया है. शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्लांट को रद्द करने की मांग उठाई. स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लांट को लेकर न केवल रोझौही एवं सरई बल्कि आसपास के सैकड़ों गांवों में भारी आक्रोश है. कुछ दिनों पूर्व जल सत्याग्रह के दौरान विमला कोल नामक एक आदिवासी महिला की मृत्यु हो जाने से पूरे क्षेत्र में प्रशासन के प्रति और अधिक गुस्सा व्याप्त है. ग्रामीणों का आरोप है कि इस दुर्घटना के बाद भी शासन-प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा सुधि लेने नहीं पहुंचा. आंदोलित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि रोझौही में प्रस्तावित टाटा पावर के न्यूक्लियर प्लांट को रद्द कर यहां से नहीं हटाया गया, तो उग्र आंदोलन होगा.
न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में उतरेगी कांगे्रस
प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर कांग्रेस पुरजोर से विरोध करेगी. कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंजी. राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि 25 एवं 26 अक्टूबर को शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने के लिये प्लान्ट के स्थापना के विरोध मे धरना प्रदर्शन किया जायेगा. आने वाले दिनों मे यदि शासन-प्रशासन ने अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ी तथा जनजीवन के साथ खिलवाड़ करने का काम किया तो कांग्रेस पार्टी वृहद आन्दोलन करेगी. श्री शर्मा ने प्रदेश के स्थानीय उपमुख्यमंत्री के विकासोन्नमुखी योजनाओं पर कटांक्ष करते कहा कि यह कैसी योजना है जिससे पूरे जनमानस का जीवन संकट मे पड़े, उन्होने सलाह दी कि यदि प्रदेश सरकार न्यूक्लियर प्लान्ट स्थापित करने के लिये बहुत उत्सुक है तो बसाहट वाले स्थानों से हट कर इसकी स्थापना करायें उसमे कांग्रेस पार्टी भी सहयोग करेगी. श्री शर्मा ने बताया कि न्यूक्लियर पॉवर कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया की प्लान्ट की साइट चुनने की प्रक्रिया की हैण्ड बुक मे पेज क्रमांक 18 मे यह स्पष्ट है कि 05 किलो मीटर के दायरे मे जन संख्या 20 हजार से कम होनी चाहिए तथा 30 किलो मीटर के दायरे मे जन संख्या एक लाख से कम होनी चाहिए, हकीकत यह है कि 05 किलो मीटर के दायरे मे पॉवर प्लान्ट स्थापित करने वाले स्थल की सीमा मे एक लाख से ज्यादा लोग रहते हैं तथा 30 किलो मीटर की दूरी मे तीन लाख से ज्यादा लोग निवासरत हैं. इससे स्पष्ट है कि साइट चुनने की प्रक्रिया का गाइडलाइन के अनुसार पालन नही किया जा रहा.
