तिरुवनंतपुरम, केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। केरल उच्च न्यायालय के सख्त आदेशों के बाद विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) की विशेष जांच टीम ने भगवान अयप्पा के प्रसिद्ध प्रसाद ‘अरवना पायसम’ के लिए मंगाए गए ‘मिल्मा’ ब्रांड के घी में हेराफेरी करने के आरोप में ट्रांसपोर्ट ठेकेदार एस.एस. बिनु को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि 2025 के तीर्थयात्रा सीजन के दौरान मंदिर में सप्लाई किए जाने वाले शुद्ध घी की जगह बाजार से सस्ता और घटिया घी पहुंचाया गया, जिससे त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) को लगभग 2.5 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
मिल्मा ब्रांड के असली घी को तमिलनाडु की निजी एजेंसियों को बेचने का खुलासा, फर्जी दस्तावेजों और बिलों का हुआ इस्तेमाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने सीधे पथानामथिट्टा स्थित मिल्मा डेयरी यूनिट से घी की आपूर्ति का ठेका लिया था, जिसे मंदिर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी गिरफ्तार आरोपी बिनु को सौंपी गई थी। लेकिन आरोपी ने बड़ी चालाकी से मंदिर के लिए आने वाले असली मिल्मा घी की खेप को रास्ते से ही तमिलनाडु के ओड्डनचत्रम स्थित ‘श्री वेंकटेश्वर ट्रेडर्स’ और ‘लियो ट्रेडर्स’ नामक एजेंसियों को बेच दिया। इसके बाद मंदिर में उसकी जगह कम कीमत वाला मिलावटी या सस्ता घी सप्लाई किया जाने लगा। VACB की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरे गोरखधंधे को अंजाम देने के लिए फर्जी दस्तावेजों और जाली बिलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया था।
केरल हाईकोर्ट के निर्देश पर तेज हुई जांच, मंदिर प्रशासन और अन्य संलिप्त लोगों पर भी गिर सकती है गाज
इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद धार्मिक हलकों और भक्तों के बीच भारी रोष व्याप्त है। हाईकोर्ट की निगरानी में चल रही विजिलेंस की जांच अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस बड़े रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इसमें बोर्ड के कुछ अधिकारियों की भी मिलीभगत थी या नहीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ठेकेदार से लगातार पूछताछ की जा रही है, और जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। सबरीमाला जैसे पवित्र तीर्थस्थल पर प्रसाद की शुद्धता के साथ खिलवाड़ करने वाले इस षड्यंत्र ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

