इछावर। नगर परिषद की बैठक में शहर के विकास और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर ऐसा विवाद खड़ा हुआ कि पार्षद जुनैद खान शर्ट उतारकर बैठक कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए.
वार्ड के विकास कार्यों की जानकारी नहीं मिलने, सूचना के अधिकार के तहत आवेदन देने के 30 दिन बाद भी जवाब नहीं मिलने और सफाई कर्मचारियों के कथित तौर पर चार साल से लंबित पीएफ सहित अन्य भुगतानों को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई. इस दौरान सीएमओ के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई. घटनाक्रम ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों के भुगतान को लेकर सवाल खड़े कर दिए.
बैठक के दौरान पार्षद जुनैद खान का विरोध अचानक चर्चा का विषय बन गया. उन्होंने वार्ड में सड़क, पुल निर्माण और अन्य विकास कार्यों की स्थिति स्पष्ट नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए बैठक कक्ष के बाहर धरना शुरू कर दिया. उनका कहना था कि जनता अपने वार्ड के विकास कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधियों से सवाल करती है, लेकिन संबंधित जानकारी हासिल करने में ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पार्षद ने आरोप लगाया कि उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी, लेकिन 30 दिन बीतने के बाद भी जवाब नहीं मिला. इससे प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं. हालांकि इस संबंध में परिषद प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है. अब नप प्रशासन के आधिकारिक जवाब और बकाया भुगतान की स्थिति स्पष्ट होने के बाद मामला स्पष्ट होगा.
