
देवास। माता टेकरी पर नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी के दर्शन करने पहुंचे। किसी ने मन्नत पूरी होने पर शीश नवाया तो किसी ने अपनी परेशानी और अधूरी इच्छा को चिट्ठी में लिखकर माता के चरणों में अर्पित किया। शुक्रवार को नवरात्रि के बाद दोनों मंदिरों की 21 दान पेटियां खोली गईं तो उनमें नकदी और चांदी के आभूषणों के साथ नेपाल के नोट भी मिले। लेकिन इन दान पेटियों में रखी चिट्ठियों ने लोगों का ध्यान खींचा। किसी ने नौकरी और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की, तो किसी ने बेटे की आंखों की रोशनी लौटाने और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रार्थना की। शाम तक नकदी की गणना में करीब 32 लाख रुपए सामने आए, जबकि ऑनलाइन माध्यम से लगभग 4.30 लाख रुपए का दान प्राप्त हुआ।
दान पेटियों में रकम के साथ मिलीं जिंदगी की परेशानियां-
माता टेकरी पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दान पेटियां केवल दान देने का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी मनोकामनाएं माता तक पहुंचाने का जरिया भी हैं। शुक्रवार को पेटियां खुलने के बाद सामने आईं चिट्ठियों में लोगों की निजी परेशानियां, परिवार की चिंताएं और बेहतर भविष्य की उम्मीदें दिखाई दीं। एक भक्त ने निजी क्षेत्र में लंबे कामकाजी घंटों और कम वेतन की समस्या को चिट्ठी में बयां किया। उसने माता से प्रार्थना की कि ड्यूटी का समय सात घंटे किया जाए, ताकि कामकाज के बीच जीवन के लिए भी समय मिल सके। उसकी यह प्रार्थना कामकाजी लोगों के सामने मौजूद चुनौतियों की ओर भी ध्यान खींचती है। एक मां ने अपने बेटे की आंखों की रोशनी वापस लौटने की गुहार लगाई। वहीं, एक अन्य श्रद्धालु ने बेटे की परीक्षा में सफलता की कामना की। किसी ने शीघ्र विवाह की मन्नत मांगी तो किसी ने पति की नौकरी और परिवार में संतान सुख की कामना करते हुए पर्ची डाली।
बेटियों की सुरक्षा और सड़क हादसों को लेकर भी जताई चिंता-
दान पेटियों से मिली चिट्ठियों में केवल व्यक्तिगत मनोकामनाएं ही नहीं, बल्कि समाज से जुड़ी चिंताएं भी सामने आईं। एक भक्त ने बेटियों की सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाने की मांग करते हुए अपनी बात माता के सामने रखी। वहीं, लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताते हुए एक श्रद्धालु ने माता रानी से सभी की रक्षा करने की प्रार्थना की।
इन चिट्ठियों में लोगों की उम्मीदों के अलग-अलग रंग दिखाई दिए। कोई अपने परिवार की खुशहाली चाहता है तो कोई बीमारी, रोजगार और भविष्य की अनिश्चितताओं से राहत की आस लगाए बैठा है। श्रद्धालुओं की इन अर्जियों ने दान पेटियों को केवल आर्थिक दान तक सीमित न रखकर आस्था और भावनाओं से जुड़ा पहलू भी सामने रखा।
सुबह 11 बजे शुरू हुई गणना, देर शाम तक जुटे रहे कर्मचारी-
नवरात्रि के बाद शुक्रवार को माता टेकरी स्थित मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी मंदिर की कुल 21 दान पेटियां खोली गईं। यह प्रक्रिया नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर और हरिओम ठाकुर की उपस्थिति में संपन्न हुई। दान पेटियों से नकदी के अलावा चांदी के आभूषण और नेपाली मुद्रा भी प्राप्त हुई। दान राशि की गणना सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई, जो देर शाम तक जारी रही। गणना के काम में 62 कर्मचारी जुटे रहे। मां चामुंडा देवस्थान प्रबंधन समिति की ओर से यह प्रक्रिया कराई गई। शाम तक नकदी की गणना में करीब 32 लाख रुपए की राशि सामने आ चुकी थी। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से लगभग 4 लाख 30 हजार रुपए का दान प्राप्त होने की जानकारी दी गई।
नवरात्रि में 17 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन-
नवरात्रि के दौरान माता टेकरी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। इस अवधि में 17 लाख से अधिक भक्तों ने मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी के दर्शन किए। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा के अनुसार दान भी अर्पित किया। नवरात्रि के बाद दान पेटियों को खोलने और राशि की गणना की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस दौरान सामने आई रकम के साथ श्रद्धालुओं की ओर से लिखी गईं चिट्ठियां भी चर्चा का विषय बनीं। इन चिट्ठियों में किसी की निजी तकलीफ है, किसी के परिवार की चिंता और किसी की समाज को लेकर उम्मीद। यही वजह है कि दान पेटियों से निकली राशि के साथ उनमें रखी अर्जियां भी माता टेकरी की आस्था से जुड़ी इस खबर का अहम हिस्सा बन गईं।
