भोपाल: आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई पर अब सील किए गए प्रतिष्ठानों की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. नीलबड़-भदभदा क्षेत्र के साक्षी ढाबे को निगम ने सील किया था, लेकिन 13 सितंबर को खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में ढाबा संचालित मिला. रहवासी समिति ने मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है. साक्षी ढाबे के दोबारा संचालित मिलने के बाद संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने नगर निगम आयुक्त को शिकायत की है. समिति ने ढाबे को तत्काल दोबारा सील करने और यह जांचने की मांग की है कि निगम की सील के बाद यह कैसे खुला.
-खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से उठा सवाल
समिति के अनुसार 13 सितंबर को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने साक्षी ढाबे का निरीक्षण किया था. यहां गतिविधियां संचालित मिलने से सीलिंग के बाद निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. समिति ने खाद्य सुरक्षा विभाग की पंचनामा, निरीक्षण रिपोर्ट, नमूनों, फोटो और वीडियो को निगम की जांच में शामिल करने की मांग की है. साथ ही अन्य सील प्रतिष्ठानों का भी सर्वे कराने को कहा है.
-जिम्मेदारी तय करने की मांग
रहवासी लवनीश भाटी ने कहा कि मामला केवल एक ढाबे का नहीं, बल्कि पूरी सीलिंग कार्रवाई की विश्वसनीयता का है. याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने सील खुलने पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की. समिति सदस्य पूर्णेंदु शुक्ला ने कहा कि केवल दोबारा सील करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सील कैसे खुली, इसकी जांच जरूरी है. समिति ने कहा कि कार्रवाई नहीं होने पर मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाया जाएगा.
