नयी दिल्ली 29 अप्रैल (वार्ता) केंद्रीय आयुष मंत्रालय गुरुवार से महाराष्ट्र के लोनावाला में राष्ट्रीय आयुष मिशन सम्मेलन का आयोजन करेगा जिसमें देश विदेश के हजारों लोग भाग लेंगे।
मंत्रालय ने मंगलवार को यहां बताया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन सम्मेलन का यह दूसरा संस्करण होगा और दो दिन तक चलेगा। सम्मेलन में आयुष विशेषज्ञ, नीति निर्माता, स्वास्थ्य पेशेवर, शोधकर्ता और नवप्रवर्तक भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य पारंपरिक भारतीय चिकित्सा प्रणालियों को मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवा में एकीकृत करना है जिससे आम नागरिक के लिए स्वास्थ्य सेवा अधिक सुलभ, सस्ती हो सके।
इस सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव करेंगे। राजस्थान के उपमुख्यमंत्री और भारत के नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री भी सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद है। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
वर्ष 2014 में शुरू राष्ट्रीय आयुष मिशन भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को संरक्षित करने और बढ़ावा देने तथा उन्हें मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में एकीकृत करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) के माध्यम से पूरे देश में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, पहुंच और गुणवत्ता को बढ़ाना है।
