नई दिल्ली, भारत और चीन के बीच राजनयिक स्तर पर संबंध सामान्य होने के दावों के बीच अरुणाचल प्रदेश से सीमा पर तनाव की एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने राजस्थान के अलवर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान खुलासा किया है कि पिछले कुछ दिनों में अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना (फेस-ऑफ) हुआ है और कुछ इलाकों में यह स्थिति अभी भी बनी हुई है। आईटीबीपी प्रमुख ने बताया कि बल की परिचालन क्षमता को और मजबूत करने के लिए हाल ही में ‘शौर्य कमांडो’ नाम से एक विशेष लड़ाकू टीम तैयार की गई है, जिसने इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी बेहतरीन क्षमता का प्रदर्शन किया है।
जयराम रमेश ने केंद्र सरकार की चीन नीति पर उठाए गंभीर सवाल, चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे और ब्रह्मपुत्र बांध परियोजना पर जताई चिंता
आईटीबीपी महानिदेशक के इस बयान के तुरंत बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस आक्रामक हो गई है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से केंद्र सरकार की चीन नीति पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चीन के मामलों में नरमी बरत रही है, जबकि सीमा पर अरुणाचल प्रदेश के कई पेट्रोलिंग पॉइंट तक भारतीय पहुंच प्रभावित हुई है। इसके अलावा, कांग्रेस ने चीन द्वारा अरुणाचल के स्थानों के नाम बदलने के प्रयासों, ब्रह्मपुत्र नदी पर प्रस्तावित विशाल बांध परियोजना और वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा बढ़कर 112 अरब डॉलर से अधिक होने के आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार को घेरा।
‘मेक इन इंडिया’ पर कसा तंज, चीन से बढ़ते आयात को भारतीय आर्थिक सुरक्षा के लिए बताया बड़ा खतरा
कांग्रेस नेता ने सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वर्तमान आर्थिक नीतियां अब ‘इंपोर्ट फ्रॉम चाइना’ में तब्दील होती दिख रही हैं, जिससे देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) पर गंभीर दबाव पड़ रहा है। विपक्ष का तर्क है कि चीन के साथ लगातार बढ़ता यह व्यापार असंतुलन केवल एक आर्थिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर भारत की राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद एक बार फिर सीमा सुरक्षा और चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

