नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (वार्ता) केंद्र सरकार ने मौजूदा शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) योजना के तहत 10 लाख टन तक कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की समय सीमा दो महीने बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है। इससे पात्र आयातकों को मौजूदा व्यवस्था के तहत चीनी की खेप देश में लाने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा।
वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने 21 अगस्त को जारी अपनी पिछली अधिसूचना में संशोधन किया है। इसके तहत निर्धारित कोटे के भीतर कच्ची चीनी के आयात को मूल सीमा शुल्क से छूट दी गयी थी। यह छूट पहले 31 अक्टूबर को समाप्त होने वाली थी।
सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 25(1) के तहत जारी संशोधन में आयात की मौजूदा 10 लाख टन की सीमा बढ़ाए बिना शुल्क रियायत की अवधि बढ़ाई गयी है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने भी आयात नीति के तहत समय-सीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है। इसके साथ ही योजना की मौजूदा शर्तों को बरकरार रखा गया है।
इस व्यवस्था के तहत आयातकों को निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार डीजीएफटी से शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) आवंटन प्राप्त करना होगा। इसके लिए प्रक्रिया पुस्तिका, 2023 में तय नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
इन आयात की मंजूरियों को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जारी किया जाता है और भारतीय सीमा शुल्क इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज प्रणाली (आईसीईएस) को भेजा जाता है। रियायती दर पर आयात की अनुमति तभी दी जाती है, जब मंजूर की गई मात्रा को इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली में दर्ज करके उसमें से घटा दिया जाता है।सीमा शुल्क अधिनियम, 1975 की टैरिफ मद 1701 के अंतर्गत आने वाली कच्ची चीनी पर यह शुल्क छूट लागू होती है।
समय-सीमा बढ़ाए जाने से आयातकों को अपने पात्र आवंटन का उपयोग करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। हालांकि, इससे आयात की अधिकतम निर्धारित मात्रा या योजना से जुड़ी अन्य शर्तों में कोई बदलाव नहीं होगा। अधिसूचना में यह जानकारी नहीं दी गई है कि अब तक इस रियायत के तहत कितनी कच्ची चीनी का आयात किया जा चुका है या निर्धारित कोटे में कितनी मात्रा शेष है।

