इंदौर:शहर के नेहरू स्टेडियम की जमीन शासन के नाम होने से नगर निगम उलझ गया है. प्रशासन द्वारा नजूल नियम के तहत जमीन की 50 प्रतिशत कीमत मांगे जाने पर निगम ने जमीन लेने का इरादा रद्द कर दिया है. अब नगर निगम उक्त जमीन को राज्य सरकार से मंत्रीमंडल में उक्त जमीन निगम को देने की स्वीकृति के लिए आवेदन करेगा. नेहरू स्टेडियम की जमीन पर स्पोर्ट्स और व्यावसायिक कॉम्पलेक्स निर्माण का फैसला मंत्रिमंडल द्वारा किया जाएगा.नगर निगम ने प्रशासन से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और व्यावसायिक कॉम्पलेक्स बनाने के लिए प्रशासन से 40 एकड़ जमीन मांगी थी.
उक्त जमीन नेहरू स्टेडियम और छोटे स्टेडियम की है. उक्त नेहरू स्टेडियम को तोड़कर आधुनिक स्टेडियम बनाने के नगर निगम की महापौर परिषद में प्रस्ताव पास हो चुका है. नगर निगम ने प्रशासन से रेसिडेंसी क्षेत्र में स्थित नेहरू स्टेडियम की 40 एकड़ जमीन निगम को देने का आवेदन किया था. जूनी इंदौर तहसील क्षेत्र की उक्त जमीन को लेकर प्रशासन ने नजूल नियम के अनुसार कुल कीमत का 50 प्रतिशत राशि भुगतान करने डिमांड नोट निगम को जारी किया है.
40 एकड़ जमीन की गाइड लाइन के अनुसार कीमत 845 करोड़ रुपए के आसपास है. जूनी इंदौर तहसील द्वारा नजूल नियम के अनुसार निगम को उक्त राशि का 50 प्रतिशत यानि 420 करोड़ से ज्यादा राशि और 3 लाख 18 हजार रुपए किराया भुगतान करने का डिमांड नोट पत्र के द्वारा भेजा था. निगम द्वारा प्रशासन द्वारा बताई राशि 420 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि भरने का प्रस्ताव निरस्त कर दिया है. बताया जा रहा है कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और व्यावसायिक कॉम्पलेक्स निर्माण के लिए नेहरू स्टेडियम की जमीन राज्य सरकार के पास प्रस्ताव किया जाएगा. मंत्रिमंडल से स्वीकृति के बाद निगम आगे की कार्रवाई करेगा.
निःशुल्क जमीन नहीं दी जा सकती
एसडीएम जूनी इंदौर घनश्याम धनगर ने बताया कि नजूल नियम में 420 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि का डिमांड पत्र जारी किया था. नगर निगम ने उक्त आवेदन ड्रॉप कर दिया है. वर्तमान में जमीन प्रशासन के नाम पर ही है, इसलिए निगम को निःशुल्क जमीन नहीं दी जा सकती है. राज्य सरकार द्वारा मंत्रिमंडल में प्रस्ताव पर स्वीकृति होने पर आगे निर्णय होगा.
